Nanded By Election Result: नांदेड में कौन जीत रहा, भाजपा या कांग्रेस? चौंकाने वाले हैं आंकड़े
Nanded By Election: महाराष्ट्र के नांदेड़ लोकसभा सीट उपचुनाव की मतगणना जारी है। यह लोकसभा सीट कांग्रेस सांसद वसंतराव चव्हाण के निधन की वजह से खाली हुई थी। चुनाव के महज 2 महीने बाद ही कांग्रेस सांसद का निधन हो गया था। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के साथ-साथ इस लोकसभा सीट पर भी 20 नवंबर को मतदान हुआ था। इस सीट से कांग्रेस ने वसंतराव चव्हाण के बेटे को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया है।
12 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार चव्हाण रवीन्द्र वसंतराव को भाजपा के उम्मीदवार डॉ. संतुकराव मारोत्राओ हम्बर्डे ने पीछे कर दिया है। यह एक बड़े उलटफेर का इशारा लग रहा है। कांग्रेस जहां लोकसभा चुनाव की जीत को दोहराने के प्रयास में है वहीं बीजेपी एक बार फिर इस सीट को अपने हिस्से में करने में जुटी हुई है।

हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में नांदेड़ सीट पर काफी अहम मुकाबला देखने को मिला था। कांग्रेस के वसंत चव्हाण ने भाजपा के निवर्तमान सांसद प्रतापराव पाटिल चिखलीकर को हराकर जीत दर्ज की थी। चव्हाण को 5,28,894 वोट मिले थे, जो चिखलीकर से 59,442 ज़्यादा थे। चिखलीकर को लोकसभा चुनाव में 4,69,452 वोट मिले थे। यह सीट महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से एक है और इसका ऐतिहासिक महत्व है। हालांकि, जीत के महज 2 महीने बाद, अगस्त 2024 में चव्हाण का निधन हो गया जिसके बाद से यह सीट खाली थी।
नांदेड़ सीट का ऐतिहासिक महत्त्व
नांदेड़ निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी इतिहास 1952 से ही समृद्ध है। पहले चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार शंकरराव तेलकिकर ने सीट जीती थी। इसके बाद के वर्षों में कांग्रेस ने अपना दबदबा बनाए रखा और 1957 में देवराव नामदेवराव कांबले और 1962 में तुलसीदास जाधव ने जीत दर्ज की। कांग्रेस द्वारा अपना उम्मीदवार बदलने के बाद 1967 में वेंकटराव तिरोडकर ने जीत दर्ज करके इस परंपरा को जारी रखा।
हालिया चुनाव रुझान
2019 के संसदीय चुनावों में, भाजपा के प्रतापराव गोविंदराव चिखलीकर ने नांदेड़ में जीत दर्ज की। उन्हें 486,806 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के अशोक चव्हाण को 4,46,658 वोट मिले। नांदेड़ जिले में छह विधानसभा सीटें हैं और यह महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में केंद्र बिंदु रहा है। इस निर्वाचन क्षेत्र ने पिछले कुछ दशकों में कई राजनीतिक बदलाव देखे हैं, लेकिन यह दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
वसंत चव्हाण की हालिया जीत इस ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण सीट पर कांग्रेस के लिए फिर से उभरने का संकेत है। नांदेड़ में राजनीतिक गतिशीलता विकसित होती रहती है, इसलिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही भविष्य के चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए रणनीति बना सकते हैं।












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