BMC Mayor Election 2026: बीएमसी चुनाव में वोट के बदले कैश की बरसात? उद्धव ठाकरे के सनसनीखेज दावे से मचा हड़कंप
BMC Mayor Election 2026: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर 'धनबल' (Money Power) और 'कैश फॉर वोट' (वोट के बदले नोट) के गंभीर आरोप लगाकर सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है।
शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महायुति सरकार पर चुनाव जीतने के लिए पैसे बांटने का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुंबई के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी का इस्तेमाल किया गया है।

Uddhav Thackeray Alleges: "बंद दरवाजों के नीचे से फेंके गए नोटों के लिफाफे"
शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती समारोह के अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, मुझे कई जगहों से शिकायतें मिली हैं कि इस बार मुंबई में खुलेआम पैसे बांटे गए। जब लोगों के घरों के दरवाजे बंद थे, तब दरवाजों के नीचे बनी खाली जगह (Gap) से नकदी से भरे लिफाफे अंदर फेंके गए। क्या आप महाराष्ट्र को बेचना चाहते हैं?
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सिविक बॉडी चुनावों में यह पहली बार है जब इस स्तर पर मनी पावर का इस्तेमाल हुआ। उद्धव ने आगे कहा कि भले ही विरोधियों ने धनबल के जरिए वोट खरीद लिए हों, लेकिन वे मुंबई की जनता का दिल नहीं जीत पाए। ठाकरे ने कहा कि भले ही राजनीतिक समीकरण बदले हों, लेकिन शिवसेना की वैचारिक जमीन आज भी मजबूत है।
BMC Mayor Election में लॉटरी ने बिगाड़ा 'ठाकरे गुट' का खेल
विवाद का दूसरा सबसे बड़ा कारण गुरुवार 22 जनवरी को मंत्रालय में निकाली गई 'मेयर आरक्षण लॉटरी' है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से मुंबई के मेयर पद को 'ओपन कैटेगरी' की महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। UBT की उम्मीदें टूट गई हैं क्योंकि उद्धव ठाकरे की पार्टी को उम्मीद थी कि यह पद 'अनुसूचित जनजाति' (ST) की महिला के लिए आरक्षित होगा।
दरअसल, ST श्रेणी में मेयर पद के लिए पात्र दोनों उम्मीदवार उद्धव की पार्टी से थे। आरक्षण प्रक्रिया के नतीजों को ठाकरे गुट एक सोची-समझी साजिश बता रहा है, जिससे उन्हें सत्ता से दूर रखा जा सके। क्षण प्रक्रिया को ठाकरे गुट ने 'फिक्स्ड' और 'धांधली' बताया है। पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
कौन होंगी मुंबई की अगली 'फर्स्ट सिटीजन'?
पिछले सप्ताह हुए BMC चुनावों में महायुति (BJP, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP) ने क्लीन स्वीप किया है। अब मुंबई को जल्द ही ओपन कैटेगरी से एक महिला मेयर मिलने वाली है। हालांकि, उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया है कि उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आज जो शक्ति जनता ने दिखाई है, वही उनकी असली ताकत है। 'ओपन महिला' कैटेगरी होने के बाद भाजपा की वरिष्ठ पार्षद अल्का केरकर और राजश्री शिरवाडकर के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं, शिंदे गुट की ओर से तेजस्वी घोसालकर को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सत्ता बनाम सहानुभूति की लड़ाई
उद्धव ठाकरे के इन आरोपों पर महायुति के नेताओं ने पलटवार करते हुए इसे 'हार की हताशा' बताया है। हालांकि, ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की 'शिव शक्ति' (UBT+MNS) की जुगलबंदी ने वोट शेयर में अच्छी पकड़ दिखाई है, जिससे भविष्य के विधानसभा चुनावों के लिए मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे अपनी हार स्वीकार करने के बजाय अब निराधार आरोप लगा रहे हैं।












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