BJP विधायक की फिसली जुबान, बोले- लड़की बहिन योजना महिलाओं का वोट पाने का एक 'जुगाड़', घिरी शिंदे सरकार
Ladki bahin yojana: महाराष्ट्र चुनावों से पहले सत्तारूढ़ महायुती गठबंधन की प्रमुख योजना, 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर भाजपा विधायक तेजचंद सावरकर ने ऐसा बयान दे दिया है। जिसके बाद महाराष्ट्र की महायुति सरकार कांग्रेस के निशाने पर आ चुका है।
भाजपा विधायक तेजचंद सावरकर ने कहा महिलाओं के वोट हासिल करने के लिए लड़डी बहिन योजना एक "जुगाड़" है। इसके बाद कांग्रेस ने महायुति सरकार को घेर लिया और कि भाजपा विधायक का ये बयान एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के असली इरादों को उजागर करता है।

क्या बोले भाजपा विधायक सावरकर?
महाराष्ट्र के कामठी निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा के दौरान भाजपा विधायक सावरकर ने कहा "हम भाजपा को वोट दिलाने के लिए मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का यह जुगाड़ रणनीति लेकर आए हैं। ये योजना इसलिए लागू की गई है कि चुनाव के दौरान हमारी प्रिय बहनें हमारे लिए मतदान करें। उन्होंने कहा मुझे ईमानदारी से बताओ, हम इसे और क्यों करेंगे? क्योंकि चुनावों के दौरान, मेरी प्यारी बहनें भाजपा को वोट देंगी।
"हमारा एकमात्र स्वार्थ मतदान प्राप्त करना है"
भाजपा विधायक सावरकर ने आगे कहा कि दूसरों ने योजना के उद्देश्य के बारे में लोगों को गुमराह किया होगा, लेकिन हमारी सरकार ने जो वादा किया उसे पूरा किया। उन्होंने कहा "हम भाजपा कार्यकर्ता हैं और हमारा एकमात्र स्वार्थ मतदान प्राप्त करना है।"
महायुती सरकार का चालाकी सामने आ गई है
कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टिवार ने सावरकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाषण का एक क्लिप साझा किया और भाजपा के नेतृत्व वाली महायुती गठबंधन की आलोचना की। वडेट्टिवार ने लिखा "आखिरकार, महायुती सरकार का चालाकी सामने आ गई है।"इस भाजपा विधायक ने स्वीकार किया है कि महायुती नेता झूठ बोल रहे हैं।"
वडेट्टिवार के अनुसार, मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं बनी है, बल्कि वोट हासिल करने के लिए है। जिसे भाजपा विधायक ने "जुगाड़" के रूप में वर्णित किया, जो महायुती को वोटों की कमी का सामना करना पड़ने के कारण शुरू किया गया था।
क्या है माझी लड़की योजना?
बता दें महायुति सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले यह योजना 21-65 आयु वर्ग की विवाहित, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं के लिए शुरू की है। जिसके तहत सरकार महिलााओं को 1,500 रुपये हर महीने देती है। इस योजना का लाभ उसी महिला को मिलेगा जिसके परिवार की वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा 2.5 लाख रुपये है।बता दें इस योजना के कारण राज्य के खजाने पर सालाना अनुमानित लागत 46,000 करोड़ रुपये का बोझ है।












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