जबरन वसूली मामला: अनिल देशमुख को कोर्ट से नहीं मिली राहत, 27 दिसंबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
मुंबई, 14 सितंबर। 100 करोड़ रुपए के फिरौती मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की न्यायिक हिरासत 27 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। देशमुख फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 नवंबर को देशमुख को कथित तौर पर 100 करोड़ की जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी कार्यालय में देशमुख से 13 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की गई थी। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने अनिल देशमुख पर जबरन वसूली का आरोप लगाया था।

परम बीर सिंह ने अपनी एक चिट्ठी में अनिल देशमुख पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने बर्खास्त सहायक निरीक्षक सचिन वाजे को हर महीने मुंबई के होटलों और बार से 100 करोड़ रुपए जबरन वसूलने को कहा था। इस महीने की शुरुआत में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष रोकथाम अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल देशमुख की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ईडी ने परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और 21 अप्रैल को सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद देशमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच शुरू की थी।
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महाराष्ट्र सरकार ने देशमुख के खिलाफ परम बीर सिंह के आरोपों की जांच के लिए मार्च में न्यायमूर्ति चांदीवाल (सेवानिवृत्त) के एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था। मुंबई पुलिस के सहायक निरीक्षक के रूप में काम कर चुके सचिन वाजे को इस साल मार्च में उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक के साथ एक एसयूवी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।












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