Ajit Pawar last phone call: प्लेन क्रैश से पहले आखिरी बार फोन पर अजित पवार ने क्या कहा था? NCP ने जारी ऑडियो
Ajit Pawar last phone call: lमहाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। वे मुंबई से बारामती में जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, तभी लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर फट गया, जिसमें उनकी तुरंत मौत हो गई।
वहीं अजित पवार के निधन के एक सप्ताह बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक ऑडियो क्लिप जारी की है, जिसमें प्लेन क्रैश में मौत से पहले अजित पवार आखिरी फोन बातचीत दर्ज है। यह इस ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग को जारी करने का उद्देश्य ये है कि महाराष्ट्र को पता चल सके कि अजीत दादा के आखिरी सांस तक क्या विचार थे।

अजित पवार ने मौत से पहले किसे की थी आखिरी कॉल?
दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरने से पहले पार्टी सदस्य श्रीजीत पवार से बात की थी। पार्टी नेता और अजित पवार के रिश्तेदार श्रीजीत पवार से सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर एक अंतिम फोन कॉल किया था। यह बातचीत अजित पवार के जीवन की आखिरी थी।
अजित पवार ने मौत के चंद मिनट पहले किया था ये आखिरी कॉल
श्रीजीत पवार ने बताया अजित पवार को 8:19 बजे मैसेज भेजा था। नेटवर्क की कमी के कारण मैसेज देर से मिला, पर विमान लैंडिंग के लिए नीचे आते ही 8:37 बजे अजित पवार ने तुरंत कॉल किया। श्रीजीत पवार के अनुसार, "विमान में होने के बावजूद, उन्होंने मुझे लैंडिंग के समय फोन किया।"
अजित पवार ने फोन पर किस बारे में की थी आखिरी बात?
श्रीजीत पवार ने बताया कि अजित पवार की आदत थी कि वो फोन पर मिले मैसेज पर तुरंत जवाब देते थे। यह एक मिनट की बातचीत जिला परिषद चुनाव में उम्मीदवारी से जुड़ी थी, जहां श्रीजीत ने एक कार्यकर्ता के विचारों से अजित पवार को अवगत कराया था। अपनी अंतिम बातचीत में अजित पवार ने एकता और समानता का संदेश दिया। उन्होंने सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभी जातियों और धर्मों को साथ लेकर चलने की बात कहते सुनाई देते हैं। बातचीत में उन्होंने सुपे ग्रुप के ज़रिए माली समुदाय को जिला परिषद में प्रतिनिधित्व देने पर भी ज़ोर दिया है।
अजित पवार के क्या थे आखिरी शब्द?
महाराष्ट्र की राजनीति में 'दादा' के नाम से प्यार से पुकारे जाने वाले अजित पवार ने आखिरी बातचीत मराठी में की थी। श्रीजीत पवार ने बताया जब दादा अजित पवार ने फोन किया तब वो दोनों नेता एक ही गांव से हैं।
लास्ट कॉल के ऑडियो क्लिप में सुनाई दे रहा है
अजित पवार बोले: "हम सभी जातियों और धर्मों को साथ लेकर चलते हैं।"
श्रीजीत पवार: "नहीं, दादा, मैंने तो बस वही कहा जो मुझे लगा।"
अजित पवार बोले: "सुपे ग्रुप से जिला परिषद में माली समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है। हमने सभी को न्याय देने की कोशिश की है।"
श्रीजीत पवार: "हां, दादा, आपको जो भी फैसला सही लगे, वह लें।"
अजित पवार ने मराठी में की थी ये पूरी बात?
अजित पवार और श्रीजीत पवार के बीच फोन पर ये बातचीत मराठी में थी, उन्होंने कहा: "तुम्हाला माहिती नसतं काय नसतं, काहीतरी उगाच, आम्ही पण सगळ्या जाती धर्माला आम्ही सोबत घेऊन जातो।" इस पर श्रीजीत पवार का जवाब था: "मला जे वाटलं ते मी तुम्हाला सांगितलं।"
उम्मीदवारी के विषय पर स्पष्टीकरण देते हुए अजित पवार ने कहा: "मान्य आहे, परंतु तसं नाही, तुमचं सांगणं बरोबर आहे, परंतु त्याच्यात माळी समाजाला मी जिल्हा परिषदेला उमेदवारी आता दिलेली आहे, तिथं जिथं ओबीसीचा रिझर्वेशन होतं बाकीच्यांना दिलं नाही, इथं पक्षाने दुसरे दिलेले आहेत, त्या पद्धतीने आपण केलेलं आहे।"
इस पर श्रीजीत पवार ने सहमति जताते हुए कहा: "चालेल दादा तुम्हाला जे वाटतं ते निर्णय घ्या।" जिसके बाद अजित पवार ने "ठीक आहे ओके" कहकर फोन पर बातचीत समाप्त कर दी।
दादा का आखिरी संदेश NCP ने जनता के लिए किया जारी
यह एक मिनट की बातचीत अजित पवार के जीवन की अंतिम थी। श्रीजीत पवार ने कहा यह ऑडियो अजित पवार के अंतिम विचारों को जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से जारी किया है।












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