Ajit Pawar Funeral: अंतिम यात्रा में शामिल होंगे अमित शाह, जानें कब और कितने बजे होगा अंतिम संस्कार
Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। विमान हादसे में हुई उनकी मौत ने परिवार के साथ समर्थकों को सकते में डाल दिया है। बुधवार की शाम पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके बारामती आवास में रखा गया है। यहां सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत राजनीति के दिग्गज पहुंच चुके हैं। गृहमंत्री अमित शाह भी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे।
दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार के अंतिम संस्कार को लेकर पूरी अपडेट सामने आ गई है। जानकारी के अनुसार, अजित पवार की अंतिम यात्रा गुरुवार सुबह 9 बजे शुरू होगी। इसके बाद सुबह 11:30 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में भी समर्थकों के दर्शन के लिए रखा जाएगा।

Ajit Pawar Funeral: गृहमंत्री अमित शाह समेत दिग्गजों का होगा जुटान
- अजित पवार के अंतिम दर्शन और संस्कार में केंद्र और राज्य सरकार के कई बड़े नेता शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की पुष्टि हुई है।
- महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, राज्य सरकार के मंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में समर्थक बारामती पहुंचने वाले हैं।
- अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और सभी परंपराएं पूरे सम्मान के साथ निभाई जाएंगी।
Ajit Pawar Funeral: कोटवाड़ी में होगा अंतिम संस्कार
अजित पवार के मूल गांव काटेवाड़ी में भी शोक का माहौल है। गांव में लोग अपने लोकप्रिय नेता को याद कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनकी स्मृति में बारामती में एक स्मारक भी बनाया जाएगा। उनके गांव कोटवाड़ी के खेतों में ही अजित पवार का अंतिम संस्कार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस अवधि में पूरे राज्य में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इसके साथ ही बुधवार को पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया, जिसके चलते सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और शासकीय संस्थान बंद रहे।
महाराष्ट्र की राजनीति का दमदार चेहरा थे दादा
अजित पवार लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा रहे। समर्थक और पार्टी के नेता ही नहीं दूसरे दलों के नेता भी उन्हें दादा ही बुलाया करते थे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के तौर पर 6 बार राज्य की जिम्मेदारी संभाली और खासकर बारामती तथा पुणे क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से समर्थकों और कार्यकर्ताओं में गहरा दुख है। अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ने वाली भीड़ जुट रही है।












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