Ajit Pawar के निधन के बाद फिर एक होगा पवार परिवार? एकनाथ खडसे के बयान ने मचाई हलचल, CM से मिलने पहुंचे 3 नेता
Eknath Khadse on NCP Merger Talks: महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar Death) के आकस्मिक विमान हादसे में निधन ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। बारामती में हुए इस दुखद हादसे के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। पार्टी के भीतर नेतृत्व के शून्य को भरने और बिखरे हुए कुनबे को समेटने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता के बीच NCP (SP) के दिग्गज नेता एकनाथ खडसे का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। खडसे ने दोनों गुटों के पुनर्मिलन की वकालत करते हुए संकेत दिया है कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेता अब एकजुटता के पक्ष में हैं, जिससे आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना दिख रही है।

एकनाथ खडसे का बड़ा दावा, 'एकजुटता ही एकमात्र विकल्प'
बारामती में मीडिया से रूबरू होते हुए एकनाथ खडसे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि NCP के दोनों गुटों (अजित पवार और शरद पवार गुट) को अब गिले-शिकवे भुलाकर एक साथ आ जाना चाहिए। खडसे के अनुसार, पार्टी के विभाजन से किसी का भला नहीं हुआ है और अब नेताओं को यह अहसास हो चुका है कि शक्ति का विकेंद्रीकरण पार्टी को कमजोर कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अजित दादा के जाने से जो रिक्तता आई है, उसे केवल एकजुट होकर ही भरा जा सकता है।
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'स्थानीय स्तर पर पहले से ही साथ हैं दोनों गुट'
खडसे ने एक बड़ी जानकारी शेयर करते हुए बताया कि दोनों गुटों के बीच मेल-मिलाप की प्रक्रिया पर्दे के पीछे काफी समय से चल रही है। उन्होंने दावा किया कि, 'कई जिलों में दोनों गुटों के कार्यकर्ता पहले से ही समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।' खडसे के मुताबिक, कई दौर की वार्ताओं के बाद यह सहमति बन चुकी थी कि आगामी जिला परिषद चुनाव दोनों गुट मिलकर लड़ेंगे।
#WATCH | Baramati, Maharashtra | NCP-SCP leader Eknath Khadse says," Both factions of NCP to come together." pic.twitter.com/O4E4hCGfcY
— ANI (@ANI) January 30, 2026
उन्होंने संकेत दिया कि जमीनी स्तर पर एकीकरण की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है और केवल औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
चुनाव के बाद होगा अंतिम फैसला
हालांकि एकनाथ खडसे ने विलय की प्रबल संभावना जताई है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि पूर्ण एकीकरण का अंतिम निर्णय चुनावों के बाद लिया जाएगा। वर्तमान में पार्टी के भीतर कुछ असमंजस की स्थिति जरूर है, लेकिन खडसे का मानना है कि जल्द ही नेतृत्व इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर देगा।
नेतृत्व को लेकर पार्टी में मंथन
अजित पवार के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी विरासत कौन संभालेगा। पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर दो प्रमुख विचारधाराएं उभर रही हैं।
पारिवारिक विरासत: कुछ नेताओं का मानना है कि पवार परिवार से ही किसी चेहरे (जैसे सुनेत्रा पवार या पार्थ पवार) को आगे आना चाहिए ताकि समर्थकों में भावनात्मक जुड़ाव बना रहे।
अनुभव को प्राथमिकता: वहीं, एक खेमा ऐसा भी है जो चाहता है कि पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को कमान सौंपी जाए ताकि संगठन को मजबूती मिले।
अजित पवार के निधन के बाद विभागों पर दावा, फडणवीस से मिले NCP के दिग्गज
महाराष्ट्र की सियासत में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद अब कैबिनेट विभागों को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है। पार्टी की पकड़ कमजोर न हो, इसके लिए NCP (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास 'वर्षा' पर पहुंचकर उनसे लंबी चर्चा की।
NCP की मुख्य चिंता अजित पवार के पास रहे वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क (Excise) और खेल विभाग जैसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो को अपने पास सुरक्षित रखना है। पार्टी जल्द ही मुख्यमंत्री को एक आधिकारिक पत्र सौंपेगी, जिसमें मांग की जाएगी कि ये सभी विभाग NCP कोटे में ही रहें ताकि गठबंधन में शक्ति संतुलन बना रहे। फिलहाल, इन विभागों की कमान किस चेहरे को सौंपी जाए, इसे लेकर महायुति के भीतर गहन मंथन जारी है।












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