Ajit Pawar Plane Crash: बच सकती थी अजित पवार की जान! रोस्टर में नहीं था कैप्टन सुमित का नाम, क्यों बदला पायलट?
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। लेकिन अब इस मामले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने जांच की दिशा और गंभीरता को बढ़ा दिया है। खबर है कि जिस पायलट ने उस बदकिस्मत विमान को उड़ाया, वह मूल रूप से उस फ्लाइट के लिए तय ही नहीं थे।
हादसे में जान गंवाने वाले कैप्टन सुमित कपूर के दोस्तों और करीबी सूत्रों के अनुसार, सुमित कपूर को वह विमान उड़ाना ही नहीं था।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस पायलट की ड्यूटी उस फ्लाइट के लिए लगाई गई थी, वह ट्रैफिक जाम में फंस गया था। ऐन वक्त पर सुमित कपूर को उनकी जगह 'फिल-इन' (विकल्प) के तौर पर भेजा गया। कुछ ही दिन पहले हॉन्गकॉन्ग से लौटे कैप्टन सुमित को उड़ान से महज कुछ घंटे पहले अजित पवार को बारामती ले जाने का आदेश मिला था।
16,000 घंटों का अनुभव, फिर गलती कैसे?
कैप्टन सुमित कपूर कोई नौसिखिए पायलट नहीं थे। उनके पास 16,000 घंटों से अधिक की उड़ान का विशाल अनुभव था। वे सहारा, जेट एयरवेज और जेटलाइन जैसी बड़ी एयरलाइंस में अपनी सेवाएं दे चुके थे।
- हादसे का समय: सुबह करीब 8:00 बजे दिल्ली की कंपनी VSR वेंचर्स के 'लियरजेट 45' (Learjet 45) ने उड़ान भरी।
- क्रैश की वजह: सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दूसरे प्रयास के दौरान विमान क्रैश हो गया।
- प्रारंभिक जांच: शुरुआती रिपोर्टों में 'पायलट मिसजजमेंट' (गलत निर्णय) और कम विजिबिलिटी को कारण बताया जा रहा है, लेकिन सुमित के दोस्तों ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने अनुभवी पायलट से ऐसी चूक की संभावना न के बराबर है।
एक झटके में खत्म हुई पांच जिंदगी
इस दर्दनाक हादसे में केवल अजित पवार ही नहीं, बल्कि विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई:
- 1. अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
- 2. कैप्टन सुमित कपूर (पायलट-इन-कमांड)
- 3. कैप्टन शांभवी पाठक (को-पायलट)
- 4. पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट)
- 5. विदिप जाधव (अजित पवार के सुरक्षा गार्ड)
पहचान का वो दर्दनाक लम्हा
सुमित कपूर के मित्र सचिन तनेजा ने बताया कि विमान हादसे के बाद सुमित के शव की पहचान उनके हाथ में पहने ब्रेसलेट से हुई। सुमित अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। खास बात यह है कि उनके बेटे और दामाद भी पायलट हैं, और उनका बेटा उसी कंपनी (VSR Aviation) में कार्यरत है।
जांच की मांग
पायलट के दोस्तों और परिजनों ने इस हादसे की हाई लेवल और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सवाल यह है कि क्या पायलट बदलने के फैसले ने मानसिक दबाव बनाया या फिर विमान में कोई तकनीकी खराबी थी जिसे अनुभवी सुमित भी संभाल नहीं पाए?












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