शरद पवार के घर पर प्रदर्शन से जुड़ा क्या है मामला? जानिए अब तक क्या-क्या हुआ
मुंबई, 09 अप्रैल: राजधानी मुंबई में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारियों ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल मचाया। इतना ही नहीं कार्यकर्ताओं ने शरद पवार के आवास के बाहर जूते-चप्पले तक फेंक दिए। हंगामा बढ़ते देख मुंबई पुलिस ने 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं अब महाराष्ट्र गृह विभाग ने एनसीपी नेता सुप्रिया सुले की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।

एनसीपी नेता सुप्रिया सुले की सुरक्षा बढ़ाई
MSRTC के प्रदर्शनकारियों के विरोध के चलते शुक्रवार को शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी घर के बाहर घिर गई थीं। जानकारी के मुताबिक पवार अपने घर के अंदर ही रहे, लेकिन बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले प्रदर्शनकारियों की समझाइश के लिए बाहर आईं, लेकिन वे नहीं माने। प्रदर्शनकारियों की संख्या 100 से ज्यादा थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। वहीं अब महाराष्ट्र गृह विभाग ने एनसीपी नेता सुप्रिया सुले की सुरक्षा बढ़ा दी है।
109 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
इधर, मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने एनसीपी नेता शरद पवार के मुंबई स्थित सिल्वर ओक आवास के बाहर एसटी कार्यकर्ताओं के विरोध के सिलसिले में वकील गुणरत्न सदावर्ते को 11 अप्रैल तक और अन्य 109 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जानिए क्या है विरोध की वजह?
दरअसल, पिछले कई महीनों से MSRTC आर्थिक संकट का सामना कर रही है। परिवहन निगम की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसके पास कर्मचारियों को तनख्वाह देने तक के फंड नहीं है, जिसके बाद कर्मचारी लगातार मांग उठा रहे कि MSRTC का राज्य सरकार में विलय कर दिया जाए, जिससे आर्थिक संकट से छुटकारा मिल सकें, लेकिन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इधर, एमएसआरटीसी का एक 43 वर्षीय कर्मचारी कल यानी 8 अप्रैल को परेल बस डिपो के पास मृत पाया गया था। इस मामले में मुंबई पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज करते हुए जांच शुरू की है, जिसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और अचानक एनसीपी नेता शरद पवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
नवंबर 2021 से हड़ताल कर्मचारी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एनसीपी नेता उनकी मदद करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। बता दें कि एमएसआरटीसी में 90 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं, जो राज्य सरकार के कर्मचारी का दर्जा देने और निगम के विलय की मांग को लेकर नवंबर 2021 से हड़ताल पर हैं। ऐसे में पवार की पार्टी एनसीपी महाविकास अघाड़ी गठबंधन (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) का हिस्सा है, लेकिन परिवहन विभाग शिवसेना नेता अनिल परब के पास है।
वहीं दूसरी तरफ सरकार ने उनकी सैलरी बढ़ाने की मांग पर तो मंजूरी बनाई हैं, लेकिन राज्य सरकार में विलय पर किसी तरह से तैयार नहीं हुई है। ऐसे में कर्मचारियों का मानना है कि मांगें पूरी न होने की वजह शरद पवार हैं, जिसके चलते कर्मचारियों ने उनके आवास पर जाकर प्रदर्शन किया।












Click it and Unblock the Notifications