शरद पवार गुट के MLA जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ केस दर्ज, भगवान राम को बताया था मांसाहारी
राम मंदिर उद्घाटन (Ram Temple Inauguration) के दिन 22 जनवरी को विहिप पूरे देश में उत्सव जैसा माहौल बनाने के पूरा प्रयास कर रही है। इस बीच महाराष्ट्र में एक दिन के लिए मांसाहार पर बैन लगाने की मांग के बीच शरद पवार गुट एक एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने विवादित बया दिया था। जिसको लेकर विरोध के बाद अब मुंबई पुलिस ने एक्शन लिया है।
शरद पवार गुट के एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाण ने भगवान राम को मांसाहारी बताने वाले बयान के लिए एनसीपी विधायक जितेंद्र अवहाद के खिलाफ MIDC पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 295 (A) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रामनगरी अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि में 22 जनवरी को होने वाले रामलला अभिषेक समारोह यानी राम मंदिर उद्घाट पर पूरे देश की निगाहें अयोध्या पर टिकी हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के साथ वीएचपी इसे एक उत्सव के रूप में मना रहा है। 'सबके राम' और 'अक्षत' अभियान के तहत पूरे देश को इस अयोध्या में होने वाले आयोजन से जोड़ने की तैयारी है। राम मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए देश भर के संतों राजनीत दलों को प्रमुख नेताओं, राम मंदिर के लिए संघर्ष करने वाले कारसेवकों समेत देश की कई सम्मानित हस्तियों को आमंत्रित किया है।
वहीं दूसरी ओर राम मंदिर उद्घाटन के दिन को महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी है। इस दिन बीजेपी विधायक रामकदम ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे से पूरे राज्य में शराब और मांस पर एक दिन का प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। एमएलए ने कहा कि 22 जनवरी दिवाली के त्योहार की तरह ही पवित्र है। एमएलए ने कहा, "भगवान राम के सभी भक्तों की ओर से महाराष्ट्र के सीएम से आग्रह करता हूं कि 22 जनवरी के पवित्र दिन पर पूरे राज्य में शराब और मांस पर प्रतिबंध लगाया जाए। मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे केंद्र सरकार से भी अनुरोध करें कि उस दिन पूरे देश में मांस और शराब पर प्रतिबंध लगा दिया जाए।"
इसको लेकर शरद पवार गुट के एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया। एमएलए आव्हाड ने कहा, "राम हमारे हैं और वह बहुजन हैं। राम शाकाहारी नहीं, मांसाहारी थे। वे जब जंगल में रहे तो उनके खाने के लिए सिर्फ मांसाहार की विकल्प था। वे जंगल में शिकार करके खाते थे।
एमएलए जितेंद्र आव्हाड ने कहा "..चाहते हैं कि हम शाकाहारी बन जाएं, लेकिन हम राम को अपना आदर्श मानते हैं और मटन खाते हैं। यह राम का आदर्श है। वह शाकाहारी नहीं बल्कि मांसाहारी थे। 14 साल तक जंगल में रहने वाला व्यक्ति शाकाहारी भोजन की तलाश में कहां जाएगा? ये सही या गलत? मैं हमेशा सही कहता हूं...।"
बता दें कि आव्हाड के इस बयान के बाद बीजेपी और अजित गुट के नेताओं में नाराजगी है। दो दिन पहले अजिट गुट के NCP कार्यकर्ताओं ने मुंबई में आव्हाड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया था।












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