मुंबई की 87 फीसदी आबादी के अंदर है एंटीबॉडी, पांचवे सीरो सर्वे की रिपोर्ट में सामने आए नतीजे

मुंबई, सितंबर 17। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा देश पर अभी भी मंडरा रहा है। केंद्र और सभी राज्यों की सरकारें पिछले कई महीनों से तीसरी लहर को लेकर तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस बीच मुंबई में बीएमसी ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पांचवा सीरो सर्वेक्षण कराया था, जिसके नतीजे बीएमसी ने शुक्रवार को जारी कर दिए। इस सर्वे के नतीजों में सामने आया है कि ग्रेटर मुंबई में 87 प्रतिशत लोगों के अंदर कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई है। इसका मतलब है कि ये 87 प्रतिशत लोग कम से कम एक बार कोरोना संक्रमित जरूर हुए हैं।

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मुंबई के सभी 24 वॉर्ड में किया गया सर्वे

NDTV की खबर के मुताबिक, ये पांचवा सीरो सर्वेक्षण 12 अगस्त से 9 सितंबर के बीच किया गया है। इस सर्वे में मुंबई के सभी 24 वॉर्ड को शामिल किया गया था और systematic random sampling के जरिए 8674 सैंपल इकट्ठा किए गए थे। इनमें 65 प्रतिशत सैंपल ऐसे थे, जिन्होंने वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ली थी। इस समूह के 90.26 प्रतिशत में सीरो-प्रचलन, या एंटीबॉडी की उपस्थिति का पता चला था। इसके अलावा गैर-टीकाकरण प्रतिभागियों में, केवल 79.86 प्रतिशत में सीरो-प्रचलन का पता चला था, जिससे वैज्ञानिकों और चिकित्सा विशेषज्ञों की लोगों को वायरस के खिलाफ टीकाकरण करने की अपील को बल मिला। 20 प्रतिशत नमूने स्वास्थ्य कर्मियों के थे। सीरो-प्रचलन 87.14 प्रतिशत था।

लोगों को फिर भी सलाह है कि कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करें

हालांकि इस सर्वे के नतीजों के बाद भी बीएमसी ने लोगों से कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करने की सलाह दी है। बीएमसी ने कहा है कि देश के वैज्ञानिक अभी भी फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। खासकर ये सलाह उन लोगों के लिए जो हॉलिडे मनाने किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर जा रहे हैं। सीरो सर्वे में सामने आया है कि मुंबई शहर और इसके उपनगरों में आबादी के बीच सीरो-प्रसार में सांख्यिकीय रूप से किसी तरह का महत्वपूर्ण अंतर नहीं है। हालांकि, पुरुषों और महिलाओं के बीच थोड़ा अंतर है; जैसे महिलाओं में 88.29 प्रतिशत की तुलना में पुरुषों में सीरो-प्रसार 85.07 प्रतिशत अनुमानित है।

मुंबई में 1 अप्रैल से 15 जून के बीच किए गए चौथे सीरो-सर्वेक्षण के परिणाम से पता चला कि शहर की 51 प्रतिशत से अधिक बाल चिकित्सा आबादी में कोविड एंटीबॉडी थे। इस पर बीएमसी ने कहा था, 'इस अध्ययन में देखा गया कि बच्चों की आबादी में SARS-CoV-2 (वायरस जो COVID-19 का कारण बनता है) में सीरो पॉजिटिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।' जबकि मार्च में हुए तीसरे सर्वे में 18 से कम आयु वर्ग के लिए 39.4 प्रतिशत एंटीबॉडी देखी गई थी।

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा था, 'तीसरी लहर आ नहीं रही है, यह यहां है(आ चुकी है)'। उन्होंने लोगों से इस त्योहारी मौसम को मनाते हुए अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह भी किया था।

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