'कांग्रेस के 7, शरद गुट के 2 MLA हमारे संपर्क में': NCP नेता ने बताया लोकसभा चुनाव से पहले क्या होने वाला है?
महाराष्ट्र में एनसीपी के एक नेता ने कांग्रेस और एनसीपी शरदचंद्र पवार पार्टी को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है। इनके मुताबिक कांग्रेस के 7 और शरद गुट के 2 विधायक प्रदेश की सत्ताधारी महायुति सरकार में शामिल होने के लिए उनके साथ संपर्क में हैं।
महाराष्ट्र में पिछले करीब एक ही महीने में तीन कद्दावर कांग्रेस नेता पार्टी छोड़कर निकल गए हैं और उनमें से दो महायुति की बदौलत ही राज्यसभा तक में पहुंचे हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पार्टी के नेता का दावा प्रदेश की राजनीति में खलबली मचाने के लिए काफी है।

कांग्रेस के सात विधायक हमारे संपर्क में हैं-एनसीपी नेता
न्यूज एजेंसी एएनआई को एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने बताया है, 'कांग्रेस के सात विधायक हमारे संपर्क में हैं और शरद पवार गुट के दो विधायक भी महायुति में शामिल होना चाहते हैं....एक तो रात में आकर गए हैं, मैं नाम नहीं बोल सकता...वो भी चाहते हैं कि अजित दादा के नेतृत्व में हम काम करें....'
'लोकसभा चुनाव से पहले आपको पिक्चर दिखेगा पूरा'
'आप देखिए तो सही लोकसभा चुनाव से पहले कई लोग आने वाले हैं...मैंने नाम लिया तो उनको तकलीफ होगी....लोकसभा (चुनाव)से पहले आपको पिक्चर दिखेगा पूरा....' (एनसीपी नेता का पूरा बयान आप खबर के आखिर में देख सकते हैं)
कांग्रेस और शरद पवार दोनों की बढ़ सकती है चिंता
इन दावों में जरा भी दम है तो कांग्रेस के साथ-साथ शरद पवार के लिए भी और चिंता की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर कांग्रेस के लिए तो यह किसी सियासी सदमे से कम नहीं होगा।
पूर्व सीएम अशोक चव्हाण भाजपा में शामिल होकर और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा शिवसेना में शामिल होकर राज्यसभा का चुनाव जीत चुके हैं।
अशोक चव्हाण के करीबी विधायकों को लेकर पहले से ही है अटकलें
वहीं मुंबई कांग्रेस के बड़े नेता बाबा सिद्दीकी ने भी अजित पवार की राजनीतिक छाया में आसरा खोज लिया है। इससे पहले यह भी खबरें आ चुकी हैं कि अशोक चव्हाण के करीबी करीब दर्जन भर कांग्रेस विधायक कभी भी इधर से उधर हो सकते हैं।
प्रदेश में वह फिलहाल कांग्रेस के सबसे बड़े जनाधार वाले नेताओं में से थे, लेकिन अब बीजेपी को चुनावों में जिताने के लिए काम करेंगे।
इसी तरह अजित पवार का राजनीतिक कद इस समय उनके चाचा शरद पवार से भी इसलिए बड़ा लग रहा है, क्योंकि चुनाव आयोग के साथ-साथ महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर तक ने भी उन्हीं की पार्टी को असली एनसीपी करार दिया है और बुजुर्ग पवार की पार्टी को नया नाम भी मिला है और नए चुनाव निशान के साथ मतदाताओं तक पहुंचने की भी चुनौती है।












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