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26/11 Attack: दाऊद के इशारों पर साजिद मीर ने चुने धमाके के रेड स्पॉट्स? 166 मौतों का जिम्मदार 17 साल से फरार?

26/11 Mumbai Attack: 26 नवंबर 2008 को मुंबई के दिल में दहशत की वो रात घुस आई, जब लश्कर-ए-तैयबा के 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने शहर को 60 घंटों तक बंधक बना लिया। ताज होटल, ओबेरॉय, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, नरीमन हाउस- ये नाम आज भी खून जमा देने वाले हैं। 166 लोग मारे गए, जिनमें 26 विदेशी और 20 सुरक्षाकर्मी शामिल थे।

17 साल बाद, 26/11 को याद करते हुए सवाल फिर से जोर पकड़ रहे हैं:- क्या दाऊद इब्राहिम जैसे मुंबई के 'अंडरवर्ल्ड किंग' का हाथ था? और मास्टरमाइंड साजिद मीर, जो 2022 से पाक जेल में कैद है, अब भी भारत के लिए खतरा क्यों बना हुआ है? इंटरनेशनल एजेंसियों के दस्तावेजों से खुलासा हो रहा है कि साजिद ने दाऊद से सलाह लेकर ही इन 'रेड स्पॉट्स' को फाइनल किया था। लेकिन पाकिस्तान की साजिशें आज भी सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही हैं...

26 11 Mumbai Attack

26/11 Mumbai Attack Timeline: 26/11 का काला अध्याय, कैसे मुंबई रक्तरंजित हो गया?

2008 की वो काली रात कराची से समुद्री रास्ते से शुरू हुई। लश्कर के 10 फिदायीनों ने कोलाबा किनारे कशाब मरीन ड्राइव पर नाव उतारी और शहर पर हमला बोल दिया। ताज होटल में 31 लोग मारे गए, ओबेरॉय-ट्राइडेंट में 32, CST स्टेशन पर 58, नरीमन हाउस (चाबड़ सेंटर) में 7 यहूदी समेत कई। हमले की साजिश सालों से रची जा रही थी। अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली (असली नाम दाऊद गिलानी) ने 2006-08 के बीच छह बार भारत आकर रेकी की। लेकिन असली ब्रेन लश्कर का कमांडर साजिद मीर का था।

FBI के मुताबिक, मीर ने हमले की हर डिटेल प्लान की- भर्ती से ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स तक। वो आतंकियों से फोन पर जुड़ा रहा, चाबड़ हाउस में घुसने के निर्देश दिए। UNSC की 2022 बैठक में भारत ने उसका ऑडियो प्ले किया, जहां वो हमलावरों को ऑर्डर देता सुनाई दिया।

26 11 Mumbai Attack

26/11 Mumbai Attack Dawood Ibrahim Role: दाऊद का छिपा हाथ? मुंबई की गलियों का 'एक्सपर्ट' या सिर्फ संयोग?

नरीमन हाउस जैसी जगह- जो मुंबई के लोकल्स को भी कम ही पता थी- कैसे चुनी गई? जांच एजेंसियों का मानना है कि ये मुंबई के 'सॉफ्ट टारगेट' का कमाल था, और इसके पीछे दाऊद इब्राहिम का शैडो नजर आता है। दाऊद, जो 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट्स (257 मौतें) का मास्टरमाइंड था, मुंबई में पैदा-पला। उसके नेटवर्क की जड़ें बॉम्बे की गलियों में हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'साजिद मीर ने टारगेट फाइनलाइज करने से पहले दाऊद और उसके गुर्गों से कंसल्ट किया। 1993 में दाऊद-टाइगर मेमन ने ही ऐसे स्पॉट्स चुने थे। 26/11 में नरीमन हाउस का चयन दाऊद के लोकल नॉलेज का नतीजा लगता है।'

हालांकि, कन्फर्म लिंक अभी भी 'सर्कमस्टैंशियल' है। हेडली ने अपनी FBI पूछताछ में दाऊद का नाम नहीं लिया, लेकिन तहव्वुर राणा (हेडली का पार्टनर) की एक्सट्राडिशन ट्रायल में ये सवाल फिर उठा। अप्रैल 2025 में एक रिपोर्ट में कहा गया कि राणा के बयानों से दाऊद का रोल क्लियर हो सकता है। दाऊद आज भी पाकिस्तान में छिपा है, UN सैंक्शंस लिस्ट में है, लेकिन पाक की ISI उसे शेल्टर देती रही।

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Who Is Sajid Mir: कौन है साजिद मीर? क्रिकेट फैन से ISI एजेंट तक का सफर

साजिद मीर (असली नाम साजिद माजिद) का चेहरा बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी तक कराई गई। 1976-78 में जन्मा ये लश्कर का 'हाई-वैल्यू टारगेट' 2001 से एक्टिव था। FBI के मुताबिक, वो हेडली का मुख्य हैंडलर था। मीर ने ही सलाह दी कि हेडली अपना नाम 'दाऊद गिलानी' से 'डेविड कोलमैन हेडली' कर ले, ताकि अमेरिकी बनकर रेकी आसान हो। मीर ने हेडली को मुंबई में इमिग्रेशन ऑफिस खोलने के लिए 25,000 डॉलर दिए।

मीर का बैकग्राउंड? पाक आर्मी का पूर्व अधिकारी, बाद में ISI एजेंट। उसने 10 फिदायीनों की ट्रेनिंग मेजर इकबाल और मेजर समीर अली को सौंपी। NIA अफसरों का कहना है, 'मीर की स्किल्सेट- प्लानिंग, रेकी, कम्युनिकेशन- 26/11 में साफ दिखी। वो अभी भी खतरा है।' 2011 में US कोर्ट ने उसे चार्जशीट किया:- विदेशी संपत्ति को नुकसान, टेरर सपोर्ट, US सिटिजन की हत्या। FBI ने 5 मिलियन डॉलर (41 करोड़ रुपये) का इनाम रखा।

Pakistan Sajid Mir Terror Game: पाकिस्तान की 'डेड गेम'- जहर की अफवाहें और ग्लोबल टेररिस्ट बनने से चूक

2022 में FATF प्रेशर पर पाक ने मीर को गिरफ्तार किया और टेरर फंडिंग केस में 15 साल की सजा दी। लेकिन दिसंबर 2023 में खबर आई- डेरा गाजी खान जेल में जहर देकर मार दिया गया, वेंटिलेटर पर है। रिपोर्ट्स अनकन्फर्म्ड थीं, और इंडियन इंटेलिजेंस ने इसे 'स्टेज्ड डेथ' कहा, जो प्रत्यर्पण रोकने की चाल के रूप में दिखी। मई 2025 में, ऑपरेशन सिंदूर (पहलगाम अटैक के जवाब में भारत की स्ट्राइक्स) के दौरान पाक ने फिर मीर को 'डेड' डिक्लेयर किया, लेकिन इंटरनेशनल प्रेशर पर एडमिट किया कि वो जिंदा है और जेल में है।

UNSC में US-भारत ने मीर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने का प्रस्ताव लाया, लेकिन चीन ने जून 2022 और सितंबर 2023 में वीटो कर दिया। नवंबर 2025 तक, मीर कोट लखपत जेल में है, लेकिन पाक की 'प्रोटेक्शन' बरकरार। NIA को उम्मीद है कि राणा की पूछताछ से ISI के तीन अफसरों का रोल क्लियर होगा।

26/11 Mumbai Attack Unsolved Query: लोकल एंगल और पाक की गहरी साजिश

  • 17 साल बाद भी दो सवाल लटके हैं: लोकल सपोर्ट (मुंबई में हेल्पर्स?) और पाक एस्टैब्लिशमेंट का डायरेक्ट रोल। हेडली ने कम बोला, लेकिन राणा के बयान बदल सकते हैं। अफसर कहते हैं, 'मीर का डोजियर तैयार करना जरूरी, वरना पाक दोबारा यूज करेगा।'
  • 26/11 हमें सिखाता है- आतंक की जड़ें गहरी हैं, लेकिन न्याय की लड़ाई जारी। शहीदों को सलाम, और पाक को चेतावनी: साजिशें नाकाम होंगी। क्या राणा के बयान नया मोड़ लाएंगे? वक्त बताएगा।

ये भी पढ़ें- Delhi Blast को लेकर बड़ा खुलासा, जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य, 26 जनवरी पर हमले की थी साजिश!

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