NITI Aayog: गरीबी कम करने के प्रयास में महराजगंज यूपी में नंबर वन
Mahrajganj News: नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में महराजगंज जिले को बड़ी उपलब्धि मिली है। गरीबी कम करने के प्रयास में महराजगंज जिले को उत्तर प्रदेश में पहला स्थान मिला है। 75 जिलों में नंबर वन होने पर जिले के अधिकारियों में खासा उत्साह है। डीएम सत्येन्द्र कुमार ने इसका श्रेय शासन की नीतियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के प्रयासों को दिया है।
प्रदेश में इतने प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से हुए बाहर
नीति आयोग द्वारा सोमवार को गरीबी रेखा पर राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्ष 2015-16 में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 में बहुआयामी गरीबी से ग्रस्त आबादी का प्रतिशत 37.68% से घटकर वर्ष 2019-21 में हुए एनएफएचएस-05 में 22.93% रह गई। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में महराजगंज ने गरीबी कम करने की दिशा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।

एनएफएचएस-04 की तुलना में एनएफएचएस-05 में लगभग 30% की गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2015-16 में बहुआयामी गरीबी से ग्रसित आबादी का प्रतिशत जनपद में 49.12% था जो वर्ष 2019-21 के दौरान घटकर 19.47 प्रतिशत रह गया है। इस प्रकार इस अवधि के दौरान 29.64 प्रतिशत आबादी को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 14.75% लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं इस प्रकार उत्तर प्रदेश में विगत 5 वर्षों के दौरान सरकार 3 करोड़ 42 लाख 72 हजार 04 सौ चौरासी लोगों को बहुआयामी गरीबी से निकालने में सफल रही है।
महराजगंज की तीस प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से बाहर
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के लगभग 30% आबादी को गरीबी रेखा से बाहर निकालना एक बड़ी उपलब्धि है। इसमें लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार की नीतियां वह विभिन्न योजनाओं की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन को भी इस उपलब्धि का श्रेय देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।
पांच वर्षों में जिले को मिली कई उपलब्धियां
जिलाधिकारी ने कहा कि विगत 05 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण और शौचालय जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है, जिसका परिणाम हमे नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक में देखने को मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि आगामी वर्षों में जनपद में गरीबी को कम करने में और अधिक सफलता प्राप्त होगी।












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