MP News: मंत्री विजय शाह लगातार दूसरी कैबिनेट बैठक से गायब, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पहले BJP की रणनीति?
MP News: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के बाद लगातार दूसरी कैबिनेट बैठक से गायब रहे। 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पैलेस में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में भी वे नहीं पहुंचे थे।
28 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई है, जहां विशेष जांच दल (SIT) अपनी रिपोर्ट पेश करेगा। सूत्रों का मानना है कि BJP और मोहन यादव सरकार कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है और तब तक शाह को कैबिनेट बैठकों से दूर रखने की रणनीति अपना रही है।

पृष्ठभूमि: विजय शाह का विवाद
12 मई 2025 को महू (इंदौर) के रैकुंडा गांव में एक सभा में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी, जो ऑपरेशन सिंधुश की ब्रीफिंग में सेना की प्रवक्ता थीं, के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा, "आतंकवादियों ने हमारी बहनों की मांग का सिंदूर मिटाया, हमने उनकी बहन को बदला लेने भेजा।
" इस बयान को सांप्रदायिक, लिंगभेदी, और सेना का अपमान करने वाला मकाना गया। वीडियो वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 14 मई को सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए मनपुर पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। BNS धारा 351(2) (धार्मिक भावनाएं भड़काना) और 351(3) (सार्वजनिक शांति भंग) के तहत मामला दर्ज हुआ।
15 मई को हाईकोर्ट ने शाह के बयान को "गटर की भाषा" करार दिया और पुलिस को जांच तेज करने को कहा। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने शाह की माफी को "मगरमच्छ के आंसू" बताते हुए खारिज कर दिया और SIT जांच का आदेश दिया। SIT में IG प्रमोद वर्मा (सागर), DIG कल्याण चक्रवर्ती (SAF), और SP वाहिनी सिंह (डिंडोरी) शामिल हैं, जो 28 मई को रिपोर्ट दाखिल करेंगे। कोर्ट ने शाह की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, बशर्ते वे जांच में सहयोग करें।
Vijay Shah missing: कैबिनेट बैठक से अनुपस्थिति: BJP की रणनीति?
27 मई 2025 को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में विजय शाह की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी। इससे पहले 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पैलेस में देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक से भी वे नदारद थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता वाली इन बैठकों में वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति थी, लेकिन शाह का न आना सवाल खड़े कर रहा है।
मध्य प्रदेश BJP अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने 20 मई को शाह की अनुपस्थिति को "निजी कारण" बताया था, लेकिन 27 मई की गैरमौजूदगी पर पार्टी ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने शाह की माफी खारिज की, फिर भी वे मंत्री बने हुए हैं। उनकी कैबिनेट बैठक में अनुपस्थिति BJP की ढुलमुल नीति दिखाती है।"
28 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिस्वर सिंह की बेंच SIT की रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। SIT ने वीडियो, दस्तावेज, और गवाहों के बयान एकत्र किए हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतरिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट FIR को रद्द करने की शाह की याचिका पर SIT रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेगा। वरिष्ठ वकील अजय गुप्ता ने कहा, "बाहरी IPS अधिकारियों की SIT से निष्पक्ष जांच की उम्मीद है। यह मामला राष्ट्रीय एकता और सेना की गरिमा से जुड़ा है।"
BJP के लिए यह राजनीतिक संकट है। शाह को हटाने से जनजातीय वोटर नाराज हो सकते हैं, जबकि न हटाने से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई ने कहा, "BJP आमतौर पर बाहरी दबाव में कार्रवाई नहीं करती। SIT रिपोर्ट के बाद ही कोई फैसला संभव है।" @bhaskarenglish ने X पर लिखा, "शाह का भविष्य 28 मई को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिका है।"
Vijay Shah missing: विपक्ष और समर्थकों की प्रतिक्रिया
- कांग्रेस: 14 मई से भोपाल, खरगोन, और इंदौर में प्रदर्शन कर रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने SIT की निष्पक्षता पर सवाल उठाया, क्योंकि कुछ अधिकारी पहले शाह के अधीन काम कर चुके हैं।
- शाह के समर्थक: विजय शाह फैन क्लब और गोंड समुदाय के कुछ नेता सोशल मीडिया पर शाह का बचाव कर रहे हैं।
पार्टी की छवि: BJP राष्ट्रीय स्तर पर सेना और महिलाओं के मुद्दे पर संवेदनशील है। शाह को बचाने से कांग्रेस को राष्ट्रवाद पर हमला करने का मौका मिलेगा। कानूनी प्रक्रिया: SIT की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का फैसला शाह के मंत्री पद और राजनीतिक भविष्य तय करेगा।












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