Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

RTO: पैनिक बटन के नाम पर वाहन चालकों से ठगी, 6 हजार का बॉक्स 15 हजार का दे रहे वेंडर

Madhya Pradesh के सागर में आरटीओ कार्यालय में कमर्शियल वाहनों में फिटनेस के लिए पैनिक बटन को लेकर यात्री वाहनों के मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो उन्हें 6 हजार की कीमत वाला पैनिक बटन 15 हजार में खरीदना पड़ता है। पैनिक बटन बेचने वाले वेंडर वाहनों में इनकी फिटिंग भी कराकर नहीं देते। वहीं तकनीकी समस्याओं के चलते इतना महंगा पैनिक बटन खरीदने के बाद भी वाहन मालिकों के फिटनेस प्रमाण-पत्रों में समस्या आ रही है। क्योंकि पैनिक बटन की कनेक्टिविटी एनआईसी से नहीं हो रही है। यही कारण है कि अब तक जिले के एक भी वाहन में यह बटन इंस्टाल नहीं हो सका है। इसके बाद वाहन मालिक खुद के खर्चे पर पैनिक बटन की फिटिंग कराते है, जबकि नियमानुसार पैनिक बटन बेचने वाले वेंडर को ही इसे वाहन में लगाकर देना है। लेकिन अफसरों और वेंडरों की मिलीभगत से पैनिक बटन का यह खेल खुलेआम चल रहा है।

RTO SAGAR

स्कूली बस व वैन मालिकों को महंगा पड़ रहा यह बटन
स्कूल वैन व बस मालिक पैनिक व जीपीएस नहीं लगवा रहे हैं, क्योंकि पैनिक बटन व जीपीएस लगवाने के 15 हजार रुपए लग रहे हैं, जबकि फिटनेस की सरकारी फीस 1000 रुपए से भी कम है। पैनिक बटन व जीपीएस बेहद महंगे होने से स्कूल बस मालिक नहीं लगवा रहे हैं। अधिकृत कंपनियों के संचालक भी चाह रहे हैं कि यात्री वाहन मालिकों को 7000 रुपए तक ही पैनिक बटन व जीपीएस बेचा जाए। अन्य राज्य छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की तरह पैनिक बटन व जीपीएस का खुला बाजार कर देना चाहिए, जिससे बस, मैजिक व अन्य यात्री वाहनों में कम कीमत में पैनिक बटन व जीपीएस लगाने को मिले।

सागर में तीन कंपनियों के वेंडर अधिकृत, एमआरपी से अधिक दाम

स्कूल बस मालिकों का आरोप है कि सागर में अब तक तीन कंपनियों के वेंडर अधिकृत किए गए है। इनमें कोई 14 हजार 200 रुपए तो कोई 15 हजार 500 रुपए में पैनिक बटन बेच रहा है। जो कंपनियां अधिकृत की हैं, वो दोगुने दाम पर पैनिक बटन व जीपीएस लगाने के ले रही हैं। यह खुली लूट हो रही है। छोटे वाहन चालकों को वैसे ही कमाई नहीं हो रही, अब महंगा पैनिक बटन देकर परेशान किया जा रहा है। इसके इंस्टॉल की रसीद भी नहीं देते, जिस कारण फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं बन पा रहे।

कैसे काम करता है पैनिक बटन
यात्री वाहन में चलते हुए यदि आपको किसी के पीछा करने का शक होता है या कोई दूसरी समस्या आती है, तो वाहन में लगे पैनिक बटन को दबाना होगा। बटन दबते ही वाहन की लाइव लोकेशन, आवाज और वाहन की डिटेल पुलिस तक पहुंच जाएगी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम उस लोकेशन की सूचना उस क्षेत्र में मौजूद डायल 100 को देगा। डायल 100 उस लोकेशन को ट्रैक करते हुए घटना स्थल पर पहुंच जाएगी।

वेंडर को फिटिंग करके ही बेचना है पैनिक बटन
अभी फिटनेस को लेकर ऑनलाइन प्रक्रिया में कुछ समस्याएं आ रही है। जिसकी शिकायत मुख्यालय में की है। अधिकृत वेंडर को पैनिक बटन वाहनों में फिटिंग करके ही देना है। यदि वे ऐसा नहीं कर रहे है तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार शुक्ला, आरटीओ, सागर

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+