कच्चे माल की बढ़ी कीमतें, राखी खरीदने लिए बहनों को करना पड़ेगा ज्यादा खर्च
राखी बनाने में उपयोग होने वाले कच्चे माल की कीमतों मे उछाल आने की वजह से इस बार बाजार में राखी दोगुनी मंहगी बिच सकती है
श्योपुर, 5 जुलाई। इस बार कि राखी बहनों के लिए महंगी साबित होगी। रक्षाबंधन के पर्व पर अपने भाई की सूनी कलाई पर राखी बांधना बहनों को पिछली बार से ज्यादा महंगा पड़ेगा क्योंकि इस बार राखी पर महंगाई की मार पड़ रही है। राखी बनाने के लिए कॉटन का धागा और मोती का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इस बार कॉटन का धागा और मोती दोनों ही महंगे हो गए।

इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 11 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए राखी बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। राखी बनाने का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने राखी के बनाने में उपयोग होने वाले कच्चे माल की खरीदारी शुरू कर दी है। राखी बनाने में कॉटन का धागा और मोतियों का विशेष इस्तेमाल होता है इसलिए व्यापारियों ने कॉटन का धागा और मोती खरीदना शुरू कर दिए।

राखी बनाने का कारोबार करने वाले व्यापारियों का कहना है कि इस बार कॉटन का धागा और मोतियों की कीमतों में उछाल आ गया है। पिछले साल जो कॉटन का धागा ₹180 किलो के हिसाब से मिलता था इस साल वही कॉटन का धागा ₹300 किलो तक मिल रहा है। इतना ही नहीं जो मोती पिछले साल तक ₹200 किलो में मिलते थे वही मोतियों की कीमत इस साल बढ़कर ₹300 किलो पर पहुंच गई है।
राखी बनाने में उपयोग होने वाला अन्य सामान भी हुआ महंगा
राखी बनाने का व्यवसाय करने वाले व्यापारी बताते हैं कि यह तो सिर्फ कॉटन के धागे और मोतियों की कीमत के बारे में बताया गया है। इसके अलावा राखी बनाने में अन्य सामग्री का भी उपयोग किया जाता है। राखी बनाने में उपयोग की जाने वाली अन्य सामग्री भी महंगी हो गई है। इस वजह से राखियों को बनाने का खर्चा भी बढ़ गया है।
दोगुनी कीमत में बिक सकती है इस बार राखियां
राखी का कारोबार करने वाले कारोबारियों का कहना है कि राखी बनाने में उपयोग होने वाले कच्चे माल की कीमतों में उछाल आने की वजह से इस बार राखियां बनाने में ज्यादा खर्चा आ रहा है और यही वजह है कि इस बार राखियों की कीमत दुगनी तक पहुंच सकती है। एक अनुमान के हिसाब से जो राखी पिछले साल ₹10 की बिकी थी वही राखी इस बार बाजार में ₹20 तक की रेट में बिक सकती है।
अहमदाबाद से आता है राखी बनाने का कच्चा माल
व्यापारियों ने बताया कि राखी बनाने के लिए जो कच्चा माल इस्तेमाल किया जाता है उसकी सप्लाई अहमदाबाद से होती है। अहदाबाद से सामान आने में उसका भाड़ा भी लग जाता है। इसके अलावा कुछ व्यापारी मध्य प्रदेश के ही अन्य जिलों से कच्चा माल मंगा कर राखी बनाने का काम करते हैं।
तैयार राखी का व्यवसाय करने वाले कारोबारियों को ज्यादा महंगी बेचनी पड़ेगी राखी
जो व्यापारी तैयार राखियों को खरीद कर बेचने का कारोबार करते हैं उन व्यापारियों को राखी और भी ज्यादा कीमत में बेचनी पड़ेगी। जिन कारोबारियों से राखी खरीदने का काम किया जाएगा वे कारोबारी पहले अपनी लागत और मुनाफा राखी में जोड़ देंगे। उसकी कीमत बढ़ाकर बेचेंगे। इसके बाद बीच वाला व्यापारी उस राखी में अपना मुनाफा और खर्चा जोड़कर दुकानदारों को बेचेगा। इस तरह राखी और भी अधिक महंगी हो जाएगी।












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