MP News: मऊगंज में अतिक्रमण हटाने को लेकर भारी तनाव, भाजपा विधायक और मुस्लिम समुदाय के बीच भिड़ंत
19 नवंबर 2024: मऊगंज में एक विवादित जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर भारी तनाव पैदा हो गया है। मामला देवरा महादेवन मंदिर से जुड़ी 9 एकड़ 27 डिसमिल जमीन का है, जिस पर अतिक्रमण को लेकर भाजपा विधायक प्रदीप पटेल और स्थानीय प्रशासन के बीच टकराव हुआ।
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मंगलवार को भाजपा विधायक प्रदीप पटेल जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ और इसमें तीन लोग घायल हो गए।

क्या है विवाद?
यह विवाद मंदिर से लगी भूमि को लेकर है, जिस पर अतिक्रमण किया गया है। करीब 70-75 परिवार इस जमीन पर रह रहे हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय और दलित परिवार शामिल हैं। मुस्लिम समुदाय का दावा है कि यह पुश्तैनी ज़मीन है और उनके मकान यहां पहले से स्थित थे। इसके अलावा, इन परिवारों ने जबलपुर हाईकोर्ट में भी अपनी याचिका दायर की थी, जिसमें इस ज़मीन पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी।
विधायक का प्रदर्शन और पथराव
मंगलवार को भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने की कोशिश की, जिसके बाद वहां पर दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और अतिक्रमणकारियों के बीच पथराव हुआ, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना भी शुरू कर दिया।
प्रशासन का दखल
घटना के बाद प्रशासन ने तत्कालिक कदम उठाते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया और स्थिति को काबू में करने के लिए प्रयास किए। मौके पर कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर भी पहुंचे। प्रशासन ने बयान दिया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी, लेकिन भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने इसे जारी रखने का दबाव बनाए रखा। इसके बाद, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधायक को जबरन वज्र वाहन से मऊगंज ले जाया गया।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस विवाद में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा के राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिम और दलित समुदाय को परेशान करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
सुलझाने के उपाय
कांग्रेस और अन्य स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है और इसे समझदारी और शांतिपूर्वक सुलझाना चाहिए। वे यह भी कह रहे हैं कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कोशिश करना अविवेकपूर्ण था।
आमरण अनशन और भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
संतोष तिवारी का कहना था कि यह जमीन देवरा महादेवन मंदिर के पास स्थित है, और प्रशासन ने इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने दो दिन तक अनशन किया, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, मंगलवार को भाजपा विधायक प्रदीप पटेल जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे। उनका कहना था कि प्रशासन ने चार महीने पहले अतिक्रमण हटाने का वादा किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका सब्र जवाब दे गया। विधायक पटेल ने कहा, "अब प्रशासन पर विश्वास नहीं है, हम खुद अतिक्रमण हटाएंगे।"
विधायक की गिरफ्तारी और पथराव
जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता और विधायक अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे, मुस्लिम समुदाय के लोग भी विरोध प्रदर्शन के लिए वहां इकट्ठा हो गए। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। नारेबाजी और पथराव में कई लोग घायल हो गए। स्थिति को बिगड़ते देख, कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर ने पुलिस बल को तैनात किया और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की।
विधायक प्रदीप पटेल ने अपनी स्थिति को जस का तस रखा और अतिक्रमण हटाने की जिद पकड़ी। हालांकि, कलेक्टर और एसपी ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। इस पर, उन्हें वज्र वाहन में जबरन बैठाकर मऊगंज भेजा गया।
मुस्लिम समुदाय का दावा
मुस्लिम समुदाय के लोग इस जमीन को अपनी पुश्तैनी संपत्ति मानते हैं और उनका दावा है कि वे यहाँ वर्षों से रह रहे हैं। उनका कहना है कि यह जमीन मस्जिद और मकान बनाने के लिए खरीदी गई थी। हालांकि, प्रशासन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, जिसमें यह मांग की गई है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में न्यायपूर्ण कदम उठाए जाएं।












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