मऊगंज में मंदिर अतिक्रमणका विवाद का क्या है पूरा सच, जानिए जेसीबी लेकर क्यों पहुंचे भाजपा विधायक
MP Mauganj News: मध्य प्रदेश के मऊगंज में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के नेतृत्व में जेसीबी लेकर पहुंची टीम ने मंदिर से लगी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान स्थिति विकट हो गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं और दूसरे पक्ष के बीच पथराव की घटना में तीन लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन ने मौके पर धारा 163 लागू कर दी है, जो पहले धारा 144 के नाम से जानी जाती थी।

कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे
घटना के बाद प्रशासन का एक दल मौके पर पहुंचा, जिसमें कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर भी शामिल थे। प्रशासन ने कहा कि अतिक्रमण को नियमानुसार हटाया जाएगा, लेकिन भाजपा विधायक प्रदीप पटेल इस पर अड़े रहे और उन्होंने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को जारी रखने की बात की। स्थिति बिगड़ने के बाद, सुरक्षा कारणों से विधायक पटेल को वज्र वाहन से रीवा ले जाया गया और उन्हें एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया।
विवाद का कारण और भूमि का दावा
यह विवाद खटखरी चौकी क्षेत्र में स्थित को लेकर है। विवादित भूमि की कुल क्षेत्रफल 9 एकड़ 27 डिसमिल है, जिस पर मुस्लिम समुदाय और दलित परिवारों के करीब 70 से 75 घर बसे हुए हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग इस भूमि पर अपने पुश्तैनी मकान होने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है और वे इसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।

इस विवाद को लेकर मुस्लिम समुदाय ने जबलपुर हाईकोर्ट में एक पिटीशन भी दायर की है। हाईकोर्ट में चल रहे इस मामले के बावजूद भाजपा विधायक प्रदीप पटेल की पहल पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिससे विवाद और बढ़ गया।
स्थानीय लोगों का विरोध
जैसे ही जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, स्थानीय मुस्लिम और दलित परिवारों ने इसका विरोध किया। विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। तीन लोग इस पथराव में घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
धारा 163 लागू, प्रशासन की निगरानी में स्थिति
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू कर दी है, ताकि और कोई अप्रिय घटना न घटित हो। कलेक्टर और एसपी ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने का आश्वासन दिया है।

दो दिन तक प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी
हिंदू नेता संतोष तिवारी ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचने का निर्णय लिया। इसके बाद भाजपा विधायक प्रदीप पटेल भी वहां पहुंचे और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए खुद ही अतिक्रमण हटाने की घोषणा की। विधायक पटेल का कहना था कि चार महीने पहले उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था, और कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

विधायक पटेल की जिद और दोनों पक्षों के बीच हिंसा
विधायक प्रदीप पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब प्रशासन पर उनका भरोसा खत्म हो चुका है और वे स्वयं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगे। उनके इस कदम से विवाद और बढ़ गया, क्योंकि मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर जमा हो गए और विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ और नारेबाजी होने लगी। इस दौरान तीन लोग घायल हो गए, जिनका इलाज किया गया। सूचना मिलने पर कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया और तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने के लिए कड़ी कार्रवाई की।
कलेक्टर और एसपी के प्रयासों के बावजूद विधायक की जिद
विधायक प्रदीप पटेल के सामने प्रशासन के तमाम प्रयास विफल रहे। कलेक्टर और एसपी उन्हें बार-बार समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन विधायक अतिक्रमण हटाने पर अड़े रहे। इस बीच, तनाव बढ़ने पर और स्थिति को और बिगड़ने से बचाने के लिए उन्हें वज्र वाहन से जबरन मऊगंज भेजा गया और वहां एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया।
विवाद का मूल कारण और भविष्य की स्थिति
यह पूरा विवाद 9 एकड़ 27 डिसमिल भूमि को लेकर है, जिस पर मुस्लिम समुदाय और दलित परिवारों के 70-75 घर बसे हुए हैं। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि यह भूमि उनके पुश्तैनी मकानों की है और उन्होंने इस भूमि पर कब्जा किया है। वहीं, भाजपा नेता और हिंदू संगठन के लोग इसे मंदिर से लगी भूमि का अतिक्रमण मानते हैं, जिसे हटाने की मांग कर रहे हैं। मुस्लिम समुदाय ने इस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में एक पिटीशन भी दायर की है।
अब, प्रशासन को इस मामले को लेकर एक संवेदनशील संतुलन बनाना होगा, ताकि दोनों समुदायों के बीच शांति बनी रहे और विवाद का समाधान हो सके।












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