मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने रविवार को बुलाई कैबिनेट मीटिंग, मध्य प्रदेश में राजनीतिक उलटफेर के कयास!
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस फैसले के बाद एमपी में सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं।

Shivraj Singh Chouhan ने रविवार को कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। मध्य प्रदेश में राजनीतिक उलटफेर की अटकलें लगाई जा रही हैं। सीएम शिवराज ने कल भोपाल में मंत्रियों की बैठक बुलाई है, इसे राजनीतिक परिपाटी के उलट बताया जा रहा है, क्योंकि आम तौर पर मुख्यमंत्री संडे को कैबिनेट की बैठक नहीं होती।
12 घंटे भोपाल में ही रहें सभी मंत्री
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगियों की बैठक बुलाई है, जिसके बाद "कुछ बड़ा होने की संभावना" के बारे में चर्चा हो रही है। भाजपा सूत्रों ने कहा कि चौहान ने मंत्रियों से कल 12 घंटे भोपाल में रहने को कहा। बैठक का आह्वान करते हुए सीएम शिवराज ने ऐसे समय में किया है, जब तीन दिन पहले बुधवार को उन्होंने नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। सियासी पंडितों की नजर में RSS मुख्यालय में 45 मिनट तक चली मीटिंग के बाद शिवराज की घोषणा के बड़े निहितार्थ हैं।
सभी मंत्रियों से वन-टू-वन मिलेंगे CM
बीजेपी सूत्रों ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री के आवास पर बुलाया गया है। वह एक-एक करके सुबह 11 बजे से मिलेंगे और शाम छह बजे (रविवार को) कैबिनेट की बैठक करेंगे। हमें कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है।"
विकास यात्रा या मंत्रियों की परफॉर्मेंस पर मंथन
भाजपा के एक मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर एनडीटीवी को बताया, मुख्यमंत्री कैबिनेट सहयोगियों के साथ कुछ घटनाओं पर चर्चा कर सकते हैं।" विकास यात्रा के दौरान, या कुछ कम प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड... जैसे उन्होंने पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षणों के निष्कर्षों के आधार पर विधायकों के साथ किया था।"
विकास यात्रा 25 फरवरी तक चलेगी
बता दें कि बीजेपी की विकास यात्रा 5 फरवरी को शुरू हुई और 25 फरवरी को समाप्त होगी। पिछले कुछ महीनों से नए सिरे से कैबिनेट की अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब नौ महीने दूर है।
सियासी अटकलों का आधार बीजेपी नेता
बीजेपी के एक अन्य नेता ने नाम न छापने की शर्त पर एनडीटीवी से कहा, "रविवार को कैबिनेट बैठक करना सरकार के लिए सामान्य बात नहीं है। कुछ भी हो सकता है या कुछ भी नहीं हो सकता है।"
गुजरात का उदाहरण सबके सामने
चर्चा यह है कि सितंबर 2021 में गुजरात में जो कुछ हुआ, उसे दोहराया जा सकता है। बता दें कि गुजरात में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी और उनके मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया था। विधानसभा चुनाव से 14 महीने पहले भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में पूरी तरह से नए गुजरात मंत्रिपरिषद का रास्ता खुल गया था। 2022 के अंत तक गुजरात में बड़े बदलाव हुए।












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