MP News: सिंधिया के प्रयास लाए रंग: 22 साल बाद अशोकनगर को मिली केंद्रीय विद्यालय की सौगात
अशोकनगर के हज़ारों परिवारों के लिए यह महज़ एक समाचार नहीं, बल्कि भावनाओं से भरा ऐतिहासिक पल है। 22 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा, अनेक जनप्रतिनिधियों के वादे और वर्षों की मांग के बाद आख़िरकार अशोकनगर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का सपना साकार हो गया है।
इसका श्रेय जाता है गुना सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को, जिनके सतत प्रयासों ने जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि दिलाई।

21 जून से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ, पहले चरण में कक्षा 1 से 5 तक होंगे दाखिले
- केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा 18 जून को जारी आदेश के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 21 जून से 30 जून तक प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
- स्थान: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ग्राम पथरिया, अशोकनगर
- समय: प्रातः 9:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक
- कक्षाएं: कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक में एक सेक्शन)
- अभिभावक डायट से आवेदन पत्र प्राप्त कर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ वहीं जमा कर सकते हैं।
22 साल की जद्दोजहद: आखिरकार रंग लाए प्रयास
अशोकनगर में केंद्रीय विद्यालय की मांग 2003 से चल रही थी। हर बार चुनावों में आश्वासन मिलता, लेकिन विद्यालय की स्थापना अटक जाती। लेकिन 2024 के अंत में यह तस्वीर बदली जब सिंधिया ने इस मुद्दे को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के समक्ष पुरजोर ढंग से उठाया। दिसंबर 2024 में भारत सरकार ने देशभर में 85 नए केंद्रीय विद्यालयों की घोषणा की, जिनमें अशोकनगर का नाम प्रमुख रूप से शामिल था।
इसके बाद 11 जून 2025 को संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) दीपेश गहलोत द्वारा विद्यालय संचालन की आधिकारिक घोषणा की गई, जिसमें कहा गया कि 30 दिन के भीतर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी - और वह दिन अब आ चुका है।

जनता में उत्साह, अभिभावकों की आंखों में उम्मीद
विद्यालय की घोषणा के बाद जिलेभर में खुशी की लहर दौड़ गई है। अभिभावक, जो वर्षों से अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में भेजने को मजबूर थे, अब राहत महसूस कर रहे हैं।
सीताराम विश्वकर्मा, एक स्थानीय शिक्षक, भावुक होकर बोले: "22 साल बाद हमारे बच्चों को भी केंद्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी। यह सपना सच लग रहा है।"
क्यों अहम है केंद्रीय विद्यालय?
- केंद्रीय पाठ्यक्रम (CBSE) और राष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई
- कर्मचारी एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट विकल्प
- हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों माध्यमों में शिक्षा
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर नींव
- शैक्षणिक और संस्कारात्मक वातावरण
सिंधिया के नेतृत्व में बदल रही है तस्वीर
यह विद्यालय सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि सिंधिया के प्रयासों से उपजे विश्वास का प्रतीक है। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर प्रशासनिक औपचारिकताएं, सिंधिया के स्तर पर की गई लगातार फॉलोअप का ही नतीजा है कि केंद्रीय विद्यालय अब धरातल पर आकार ले रहा है। "अशोकनगर के बच्चों को समर्पित-22 वर्षों का इंतज़ार अब समाप्त हुआ। 21 जून से प्रवेश प्रारंभ। यह परिवर्तन की शुरुआत है।"
क्या है आगे की योजना?
- अगले सत्रों में कक्षा 6 से 8 और फिर 9 से 12 तक विस्तार की योजना
- स्थायी भवन निर्माण के लिए ज़मीन चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है
- शिक्षक और स्टाफ की नियुक्तियां चरणबद्ध ढंग से होंगी












Click it and Unblock the Notifications