Satpura Tiger Reserve: पूछताछ के बाद जिस शख्स ने सुसाइड किया, उसी ने काटा था बाघ का सिर, एक्टिविस्ट के सवाल
Satpura Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक बाघ के साथ हुई क्रूरतम वारदात से जांच टीम ने पर्दा उठा दिया हैं। 'बाघ का सिर काटने' वाला कोई और नहीं बल्कि बैतूल जिले का अनीस उइके था, जिसने पूछताछ के बाद गांव में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
उसके साथ दो और सहयोगी कमल कुमरे सुबन सिंह भलावी भी थे, जिन्हें अरेस्ट कर लिया गया हैं। टाइगर रिजर्व फोर्स के इस खुलासे के बाद वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे जांच पर भी कई सवाल उठाए हैं। मामले की बड़ी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाई हैं।
आपको बता दें कि सिर कटा बाघ मिलने की घटना पिछले महीने 26 जून को हुई थी। इसके चार दिन बाद एसटीआर को पता चला था। आरोपियों का सुराग ढूंढने वन विभाग की टीम ने सतपुड़ा के जंगलों से होते हुए आस-पास के जिलों की खाक छानते हुए बैतूल जिले पहुंची।

सतपुड़ा के जंगल से लगे बैतूल जिले के धांसाई गांव भी जांच टीम पहुंची, जहां अनीस उइके नामक शख्स को पूछताछ के लिए ले गई थी। बाद में उसे छोड़ दिया तो उसने गांव पहुंचकर खेत में पेड़ से लटककर जान दे दी थी. तब तक जांच टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी। घटना के लगभग दस दिन बाद बाघ का कटा हुआ सिर कंकाल के रूप में भीमकुंड मार्ग से बरामद किया था।
इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। STR टीम का कहना कि अनीस उइके ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से टाइगर का सिर काटा, फिर करीब दस किलोमीटर एक पॉलीथिन में पैक कर एक तालाब में छुपा दिया था। बाद में जब अनीस ने सुसाइड कर लिया तो उसके दोनों साथियों ने गिरफ्तारी के डर से कटा हुआ सिर धंसई गेट के पास फेंक दिया।
सवालों के घेरे में खुलासा
इस पूरी जांच और खुलासे पर वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे ने कई तरह के संदेह व्यक्त किए हैं। दुबे ने स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच करवाने की मांग की हैं। फॉरेस्ट विभाग के दावों को विश्वास करने योग्य नहीं बताया बताया हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व द्वारा दावा किया गया था सुबह श्रमिक ने पेट्रोलिंग के समय कुत्तों को टाइगर के सर का मांस खाते देखा। दुबे ने जो सवाल उठाए हैं वो इस प्रकार हैं-
1) कुत्तों का वीडियो फोटो कहा है?
2)कोर एरिया में कुत्ते कैसे आए और 15-20 दिन पुराना टाइगर का मांस कुत्ते कैसे खा रहे थे?
3)फॉरेस्ट दावा करता है कि सतपुड़ा डीडी संदीप फेलोज और दूसरे अफसर तत्काल कैसे पहुंच गए क्योंकि फॉरेस्ट रिपोर्ट अनुसार बाघ के शिकार की सूचना 25 जून को मिलने पर अफसर 18 घंटे बाद पहुंचे थे।












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