बुंदेलखंड से मादा टाइगर जाएगी, जल्द ही अफ्रीकन चीते आएंगे
African Cheetahs को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शिफ्ट करने के बाद अब सरकार ने इसके आगे के प्लान पर भी काम प्रारंभ कर दिया है। इसमें अगला नंबर मप्र के सागर जिले में नौरादेही अभयारण्य और मंदसौर के गांधी सागर वन्य प्राणी अभयारण्यों में चीतों को बसाया जाएगा। विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। चूंकी वन्य प्राणी अभयारण्य ने देश में कूनो के अलावा इन दोनों अभयारण्यों को भी चीतों के लिए माकूल पाया था। इसलिए कूनों के बाद यहां चीते लाए जाएंगे।

विभागीय जानकारी अनुसार वन्य प्राणी संस्थान की रिपोर्ट के बाद वन विभाग ने सागर के नौरोदेही अभयारण्य और मंदसौर के गांधी सागर वन्य प्राणी अभयारण्य में अफ्रीकन चीतों को बसाने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने विभाग के इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा दिया है। विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून ने चीता पुनर्स्थापन के दूसरे चरण के लिए नौरादेही और गांधी सागर अभयारण्य को उपयुक्त माना था। इसलिए यहां पर चीतों के पुनर्स्थापन की सहमति दी जाए। हालांकि विभाग ने इस प्रपोजल में फिलहाल चीतों की बसाहट और पुनर्स्थापन में खर्च होने वाले बजट और बाकी व्यवस्थाओं का कोई जिक्र या कार्ययोजना का खुलासा नहीं किया है। लेकिन माना जा रहा है कि इस संबंध में जल्द ही पूरी कार्ययोजना शासन को सौंप दी जाएगी। कूनों में चीता पुनर्स्थापन की सफलता के बाद इन दोनों में अभयारण्य को लेकर उम्मीद बढ़ गई है।

पन्ना से मादा बाघिन को माधव नेशनल पार्क शिफ्ट किया जाएगा
प्रदेश के शिवपुर माधव नेशनल पार्क को एक बार फिर बाघों से आबाद करने की प्लानिंग अंतिम चरण में हैं। यह 1996 से टाइगर विहीन हो चुका है। करीब 27 बाद यहां टाइगर्स को पुनः बसाने का प्लान है। इसके लिए दो मादा और एक नर बाघ को आगामी दो महीने में यहां शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए पन्ना टाइगर रिजर्व से एक मादा बाघिन, रातापानी सेंचुरी भोपाल से एक मादा बाघिन तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाघ को जनवरी के अंत तक माधव नेशनल पार्क में शिफ्ट किया जाएगा। इसके दूसरे चरण में भी टाइगर को यहां छोड़ा जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications