Central University को नहीं मिला परीक्षा नियंत्रक, नीति आयोग के अधिकारी रहे रंजन होंगे रजिस्ट्रार
डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि में प्रवेश प्रक्रिया में बुंदेलखंड के स्थानीय विद्यार्थियों को आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया। ईसी में रखे गए प्रस्ताव में परीक्षा नियंत्रक के लिए कोई योग्य व्यक्ति नहीं मिल सका।

Madhya Pradesh के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी को परीक्षा नियंत्रक पद के लिए योग्य अधिकारी नहीं मिल पाया। विवि ने इसके लिए 7 अधिकारियों के आवेदन पर विचार के बाद इनका इंटरव्यू लिया था, बावजूद इसके एक भी अभ्यर्थी इसके काबिल नहीं मिला। वहीं नीति आयोग में पदस्थ रहे अधिकारी यहां के रजिस्ट्रार होंगे।
विवि की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता की उपस्थिति में हुई कार्यपरिषद की बैठक में कई अहम निर्णय को स्वीकृति दी गई। ईसी से ठीक एक दिन पहले विवि में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी पद के लिए इंटरव्यू हुए थे। इसमें कुलसचिव के लिए 9, परीक्षा नियंत्रक में 7 और वित्त अधिकारी के लिए 2 आवेदकों के इंटरव्यू हुए। इसमे आज ईसी की बैठक में खुले लिफाफे में नीति आयोग बतौर अधिकारी काम कर चुके रंजन कुमार प्रधान को कुलसचिव पद पर नियुक्त करने को हरी झंडी दी गई। वहीं वित्त अधिकारी पद के लिए झांसी के कुलदीपक शर्मा सहित दो नामों का पैनल मंत्रालय भेजने का निर्णय लिया गया। परीक्षा नियंत्रक पद के लिए किसी भी उम्मीदवार को पात्र नहीं पाया गया। ऐसे ही कार्यपरिषद की बैठक में शिक्षकों के कैरियर एडवांसमेंट स्कीम योजना के तहत करीब 5 शिक्षकों के प्रमोशन को स्वीकृति दी गई।

डॉक्टरों को भी पदोन्नत किया गया
डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी व परीक्षा नियंत्रक के पदों के अलावा अन्य निर्णय भी लिए गए। इसमें डॉ. अभिषेक जैन को सीनियर आफिसर से पदोन्नत क चीफ मेडिकल आफिसर को स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार डॉ. किरण माहेश्वरी को सीनियर मेडिकल आफिसर के पद पर पदोन्नति को मंजूरी दी गई।
स्थानीय विद्यार्थियों के आरक्षण पर पहली दफा चर्चा की गई
डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में पहली दफा बुंदेलखंड के स्थानीय विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण विषय पर चर्चा की गई। ईसी सदस्य डॉ. जीएस रोहित ने इस विषय परिषद के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अन्य केंद्रीय विवि में स्थानीय विद्यार्थियों को आरक्षण का प्रावधान है। सागर में भी स्थानीय के लिए प्रवेश में 25 प्रतिशत आरक्षण रखा जाता चाहिए। इस पर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि आप लिखति में दे दीजिए। डॉ. रोहित ने कुछ ही देर में इस विषय का प्रस्ताव बनाकर ईसी के सामने प्रस्तुत भी कर दिया। कुलपति ने कहा कि इस विषय पर हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे और मंत्रालय को भी भेजेंगे।












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