MP News: मिशनरी स्कूल की लैब में मिला मानव भ्रूण, आयोग ने जब्त किया, कैंपस में गेस्ट हाउस, आवास बनाए
सागर जिले की बीना स्थित निर्मल ज्योति काॅन्वेंट मिशनरी स्कूल में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम को जांच के दौरान भारी गड़बड़ियां मिली हैं। स्कूल लैब में अवैध भ्रूण भी मिला है।

मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की दो सदस्यीय टीम सागर जिले के बीना स्थित निर्मल ज्योति काॅन्वेंट स्कूल में जांच करने पहुंची थी, इस दौरान स्कूल की लैब में अवैध रूप से रखा गया मानव भ्रण मिला है, इसके कैमिकल में प्रिजर्व करके रखा गया था। बता दें कि स्कूल के एक छात्र ने स्कूल पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए आयोग में शिकायत की थी। आयोग की दो सदस्यीय टीम में डाॅ. ओमकार सिंह एवं डाॅ. निवेदिता शर्मा शामिल थीं।
सागर के बीना स्थित निर्मल ज्योति काॅन्वेंट स्कूल जब-तब विवादों से घिरी नजर आती है। बीते दिनों स्कूल के एक 10वीं कक्षा के छात्र व उसके पिता ने मप्र मानव अधिकार आयोग में मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, ईसाई धर्म की जबरन प्रार्थना कराने, चर्च में जाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की थी। स्कूल प्रबंधन ने स्कूल से दो किलोमीटर दूर हुए एक विवाद का सहारा लेकर छात्र को सस्पेंड कर दिया। शिकायत में उसकी 10वीं बोर्ड की परीक्षा भी स्कूल के बाहर दूर कराए जाने का उल्लेख किया गया था। गुरुवार को आयोग की दो सदस्यीय टीम स्कूल में जांच करने पहुंची थी।

लैब के निरीक्षण के दौरान कांच के जार में मिला भ्रूण
आयोग को मिली सूचना शिकायत के बाद जब मप्र बाल संरक्षण अधिकार आयोग की टीम स्कूल परिसर व अन्य इकाईयों का निरीक्षण करने पहुंची तो लैब में कांच के एक जार में प्रिजर्व कर रखा मानव भ्रूण मिला है। जब स्कूल की प्रिंसिपल से पूछा गया तो उन्होंने भ्रूण को प्लास्टिक का बताया, जब आयोग की महिला सदस्य डाॅ. निवेदिता शर्मा ने पूछा कि यह प्लास्टिक का है तो इसे प्रिजर्व करके क्यों रखा गया है तो प्रिंसिपल चुप हो गईं। बाद में उन्होंने कहा कि ये भ्रूण उनके यहां पदस्थ होने के पहले का है। भ्रूण से संबंधित कोई भी दस्तावेज स्कूल प्रबंधन के पास नहीं मिले, जिसके बाद आयोग की टीम ने भ्रूण का जब्त कराकर पुलिस के माध्यम से जांच के लिए भेजा है। बता दें कि भ्रूण के सिर में टांके लगे हैं, उसकी चमड़ी भी उधड़ने लगी है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह काफी पुराना है, जो अवैध रूप से यहां लाया गया होगा।
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पुलिस में दो अलग-अलग एफआईआर कराई जाएंगी
मप्र बाल अधिकार आयोग के सदस्य डाॅ. ओमकार सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जो शिकायत की गई थी, उसमें जो आरोप लगे थे, उसका टीम के सामने स्कूल प्रबंधन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। स्कूल के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर कराई जा रही है। इसमें एक तो छात्र को प्रताड़ित करने, जबरन चर्च भेजने, धर्म विशेष की प्रार्थना करने सहित अन्य मामलों में एफआईआर होगी तो भ्रूण के मामले में दूसरी एफआईआर कराई जाएगी। फिलहाल भ्रूण पंचनामा बनाकर पुलिस के माध्यम से जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।
स्कूल कैम्पस के बीच में गेस्ट रूम बनाया, नन भी कैंपस में रहती हैं
जांच के दौरान एक गंभीर मामला भी सामने आया है। इसमें स्कूल कैंपस के अंदर ही क्लास रूम और प्रशासकीय भवन के बीच में एक गेस्ट रूम बनाया गया है। यहीं पर स्कूल की नन भी रहती हैं। शासन के नियमानुसार स्कूल कैम्पस में किसी भी तरह से आवास इकाईयां नहीं हो सकती हैं। यह नियमों का सरासर उल्लंघन है। टीम के साथ मौजूद जिला प्रशासन के रेवेन्यू अधिकारी, पुलिस अधिकारी व महिला बाल विकास विभाग सहित शिक्षा विभाग से बीआरसी और वीओ भी स् जांच टीम के सहयोगी के तौर पर मौजूद थे। आयोग व जिला प्रशासन इस मामले को अलग से इंवेस्टीगेट करेगा।
स्कूल के अंदर बनाया निवास, गेस्ट हाउस, टीम को नहीं जाने दिया
मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य औंकार सिंह ने वन इंडिया को बताया कि बीना की निर्मल ज्योति स्कूल के दस्तावेज जांचने के दौरान डायवर्सन के कोई कागज नहीं मिले। स्कूल परिसर के अंदर नियम विरुद्ध तरीके से गेस्ट हाउस संचालित हो रहा है। आवासीय भवन बने हैं। कुछ लोग भी यहां रूके हुए थे। स्कूल परिसर में ही चर्च मौजूद है। प्राचार्य सहित अन्य महिला स्टाफ भी यहीं रहता है, लेकिन यहां आयोग की महिला सदस्य को भी जांच के लिए नहीं जाने से रोका। बच्चे की शिकायत की जांच की गई है। वहीं भ्रूण को जांच के लिए भेजा गया है। दोनों मामलाों में अलग-अलग एफआईआर कराई जाएगी।












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