IAS officer शहडोल कमिश्नर रहे राजीव शर्मा के इस्तीफे से भिंड में बढ़ी चुनावी सरगर्मी, क्या बनेंगे MLA?
IAS Rajeev sharma: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कई प्रशासनिक अफसर नौकरी को अलविदा कह सियासत के मैदान में दांव आजमाते नजर आ सकते हैं। कुछ महीने पहले में कई अधिकारीयों ने नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। अब शहडोल कमिश्नर राजीव शर्मा ने इस्तीफ़ा दिया हैं।
राजीव शर्मा के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। सोशल मीडिया पर उनके चुनाव लड़ने की ख़बरें छाई हुई हैं। दावा किया जा रहा है कि राजीव शर्मा भिंड जिले की किसी सीट से भाजपा के टिकट विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
राजीव शर्मा द्वारा अपने रिटायरमेन्ट के दो साल पहले दिए गए वीआरएस के आवेदन से उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें शुरू हो गई हैं। हम बता दें कि शहडोल कमिश्नर राजीव शर्मा ने 35 साल की सेवा पूरी होने पर अपनी सेवानिवृत्ति से दो साल पहले वीआरएस के लिए आवेदन दिया था। माना जा रहा है कि राजीव शर्मा वीआरएस स्वीकृत होने के बाद भिंड जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

भिंड जिले में राजीव शर्मा और उनके परिवार का अच्छा सामाजिक प्रभाव है। राजीव शर्मा आदि शंकराचार्य पर लिखित उपन्यास विद्रोही संन्यासी पुस्तक से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में आए। उपन्यास विद्रोही संन्यासी हिंदी, अंग्रेजी और मराठी में सात संस्करण में प्रकाशित हो चुका। इसके साथ इस कृति के लिए राजीव शर्मा को अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
आपको बता दें, राजीव शर्मा 13 जून 1988 को मध्यप्रदेश राज्य सेवा में आए। साल 2010 में उनको आईएएस अवॉर्ड हुआ। फिलहाल, वह 13 अप्रैल 2021 से शहडोल कमिश्नर के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने शहडोल में फुटबाल क्रांति और जल क्रांति जैसे कई बड़े काम किए, जिनकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं । फुटबाल क्रांति में शहडोल में युवाओं के कई छोटे-छोटे फुटबाल क्लब बनाए। वहीं, जल क्रांति में कुओं को बारिश के पानी से रिचार्ज करने की तकनीक पर काम किया।












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