दबंग व‍िधायक रामबाई ने क्‍यों कहा- मंत्र‍ियों की अस्‍पतालें खून चूसने के ल‍िए खुली है, जान‍िए क्‍या है मामला

सागर, 19 जुलाई। मप्र की दबंग व‍िधायक रामबाई के न‍िशाने पर अब मंत्री और नेताओं की अस्‍पतालें हैं, उन्‍होंने सागर में कद्दावर मंत्री के परिवार से जुड़ी एक न‍िजी अस्‍पताल पर पथर‍िया के एक मरीज के इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रबंधन को खूब खरी-खोटी सुनाई। प्रबंधन सामने आने से कतराया तो उन्‍होंने फोन पर ही जमकर चमका द‍िया। बाहर न‍िकलकर उन्‍होंने कहा पब्‍ल‍िक मूर्ख है, ज‍िसे समझ नहीं आता मरीजों को कहां ले जाना चाहि‍ए, उन्‍होंने गुस्‍से में तमतमाते हुए खुलेआम कहा कि मंत्र‍ियों और नेताओं की अस्‍पतालें मरीजों का खून चूसने के ल‍िए खोली गई हैं।

व‍िधायक रामबाई का आरोप-अस्‍पताल ने दबाव में इलाज नहीं किया

दमोह जिले की पथरिया विधानसभा की बसपा की चर्चित व दबंग विधायक रामबाई ने सागर के उपनगर मकरोनिया में स्थित सागरश्री अस्पताल पर मरीजों के इलाज में लापरवाही करने के गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है। उनके बुलाने के बावजूद अस्‍पताल प्रबंधन का कोई भी व्‍यक्‍त‍ि सामने नहीं आया तो उन्‍होंने फोन लगाकर जमकर खरी-खोटी सुना डाली। मामला व‍िधायक रामबाई के विधानसभा क्षेत्र के मारपीट के शिकार एक व्यक्ति के सागरश्री अस्पताल में इलाज में लापरवाही का है।
व‍िधायक रामबाई का आरोप-अस्‍पताल ने दबाव में इलाज नहीं किया

दबाव में एमएलसी में मामूली चोटे, मरीज गंभीर, ग्‍वाल‍ियर जाना पड़ा
रामबाई का आरोप है कि उक्त व्यक्ति के इलाज में अस्पताल के डॉक्टरों ने मनमाफिक पैसे लेकर भी कोताही बरती तथा उसको यहां से इलाज पूरा किए बगैर डिस्चार्ज भी कर दिया गया इसी मामले को लेकर वे अस्पताल पहुंची जहां उन्होंने अस्पताल के स्टाफ से प्रबंधक को बुलाने को कहा, लेकिन प्रबंधक नहीं आए, तब उन्होंने प्रबंधन से फोन पर बात की इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि मंत्री मिनिस्टर ऐसी अस्‍पतालों चला रहे है जहां मरीजों के साथ इलाज मैं कोताही की जा रही है तथा उनसे मनमाफिक पैसे ऐंठे जा रहे है, ये अस्‍पतालें इलाज के ल‍िए नहीं मरीजों का खून चूसने के ल‍िए खोली गई हैं। व‍िधायक रामबाई ने इस मामले को कोर्ट ले जाने की बात कही है। उल्‍लेखनीय है कि यह अस्‍पताल पहले भी इलाज में लापरवाही के कारण आरोपों से घ‍िरी रही व जब तक सुर्ख‍ियों में बनी रहती है। प्रदेश के एक मंत्री की पार्टनश‍िप के चलते कभी कार्रवाई नहीं होती है।
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+