MP News: लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सबसे खराब प्रदर्शन से राहुल गांधी नाराज, हर सीट पर मांगा हार का जवाब
MP Congress News: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन से दिल्ली में नाराजगी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को एक-एक सीट पर हार का हिसाब लेकर दिल्ली बुलाया गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नेताओं ने प्रदेश में कम से कम 8 से 10 सीटें जीतने का भरोसा दिलाया था लेकिन पिछले चुनाव में जीती हुई एकमात्र छिंदवाड़ा सीट भी इस बार में हार गए।

बता दे लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को दिल्ली तलब किया गया है प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीतने से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे यहां से नेताओं से खासे नाराज है। प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता जो चुनाव में उतरे थे उनके भी खराब प्रदर्शन से कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता के नाराज है।
ऐसे में हर सीट की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मांगी गई है। लोकसभा चुनाव 2024 में यहां कांग्रेस देशभर में इस बार पहले से ज्यादा सीटें जीत कर सम्मानजनक स्थिति में पहुंची है। वही मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ा है। 40 साल से लगातार जीत रही कमलनाथ का गढ़ कहीं जाने वाली छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस के खाते से चली गई।
एक-एक सीट की हार की डिटेल रिपोर्ट देना है
दोनों ही नेताओं को एक-एक सीट की हर की रिपोर्ट अपने नेतृत्व को देना है हार के बाद दोनों ही नेता हार के कारणों को जुटाने में लग गए थे। इन कारणों का वह अपनी रिपोर्ट में जिक्र करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नेता शनिवार को ही अपनी रिपोर्ट एआईसीसी को सौंप देंगे।
जीतू पटवारी ने 10 सीटें जीतने का किया था दावा
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व कोई उम्मीद नहीं थी कि नकुलनाथ दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया जैसे दिग्गज नेता भी चुनाव हार जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुनाव में जुटाने से ऐसी उम्मीद राष्ट्रीय नेताओं को थी कि प्रदेश में क्लीन स्वीप नहीं होगा। कांग्रेस कुछ सीटें तो जीतकर आएगी जबकि ऐसा बताया जाता है कि कांग्रेस के नेताओं ने यह भरोसा दिलाया था कि प्रदेश में 8 से 10 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। लेकिन उसके उलट कांग्रेस से एक भी सीट नहीं जीत सकी। प्रदेश में कांग्रेस की यह ऐतिहासिक हार है। यह पहली बार हुआ है, जब कांग्रेस की एक भी लोकसभा सीट प्रदेश में नहीं है। साथ ही कांग्रेस का वोट प्रतिशत भी इस बार काम हुआ है। इन सभी बातों से केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के नेताओं से खासा नाराज बताया जा रहा है।












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