Sagar: जप सदस्य के सिर पर पैर रखने वाला पटवारी सस्पैंड, कलेक्टर ने कहा-प्रशासन की छवि धूमिल
सागर, 5 अक्टूबर। लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला मामला जिसमें एक निर्वाचित जनपद सदस्य के सिर व पीठ पर पैर रखकर उससे माफी मंगवाने और खुद उसकी फोटो वायरल करने वाले आरोपी पटवारी विनोद अहिरवार पर कार्रवाई की गाज गिरी है। कलेक्टर दीपक आर्य ने मामला पता चलते ही एसडीएम से जांच प्रतिवेदन मांगा और रिपोर्ट जमा होते ही आधी रात को दोषी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में राजस्व मंत्री ने भी संज्ञान लेकर अधिकारियों से बात की थी।

मप्र के सागर जिले में बीना तहसील के भानगढ़ सर्किल में पदस्थ पटवारी विनोद अहिरवार को कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए केसली तहसील में अटैच कर दिया है। पटवारी विनोद को गांधी जयंती पर आयोजित ग्राम सभा में जनपद सदस्य क्षमाधर पटैल के लिए कुर्सी छोड़ना पड़ी थी। इसके बाद मौके पर दोनों में बहसबाजी हुई थी। विनोद ने एससी वर्ग और पटवारी होने का फायदा उठाते हुए थाने जाकर जनपद सदस्य क्षमाधर पटेल के नाम की शिकायत कर दी। उसने क्षमाधर को अपने कार्यायल बुलाया और बोला कि एससी एसटी एक्ट लगवा देंगे। यदि पैर पकड़कर माफी मांग लो तो केस वापस ले लेंगे। क्षमाधर सीधा-साधा था, एसएसी, एसटी एक्ट की कार्रवाई के डर से वह माफी मांगने तैयार हो गया था। जैसे ही वह पैरों में झुका तो पटवारी विनोद अहिरवार ने उसके सिर व पीठ पर पैर रखकर उसे आशीर्वाद देने की मुद्रा बनाते हुए पहले से तैयार अपने साथी से फोटो उतरवा ली। उसने घमंड के साथ जनपद सदस्य पर जूता पहनकर पैर रखे हुए फोटो वायरल भी कर दी।

बेज्जती के बाद प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी
जनपद सदस्य क्षमाधर पटेल को जब पता चला कि पटवारी ने उनकी बेज्जती करने के बाद पुलिस केस वापस नहीं लिया और उसकी पैर पड़ते हुए व सिर पर पैर रखे फोटो को वायरल कर दी है तो वह दुखी हो गया। उसके परिजन व साथियों ने उससे शिकायत करने की बात कहकर उसे प्रशासनिक अधिकारियों के पास लेकर पहुंचे। एसडीएम से होते हुए मामला कलेक्टर और एसपी तक पहुंचा था। कलेक्टर ने एसडीएम शैलेंद्र सिंह से मामले में जांच कर प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए थे। इस दौरान मामला मीडिया तक पहुंचा और तूल पकड़ गया। इधर एसडीएम रात में करीब 8 बजे जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सबमिट करके गए थे। रिपोर्ट के बाद कलेक्टर दीपक आर्य ने रात 12 बजे के आसपास पटवारी को निलंबित करने का आदेश जारी करते हुए उसे केसली अटैच कर दिया है।
कलेक्टर ने माना अधिकारियों, कर्मचारियों की छवि धूमिल, कदारण किया गया
कलेक्टर दीपक आर्य द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि पटवारी विनोद अहिरवार द्वारा जनपद सदस्य से पैर छुआते और उनकी पीठ पर पैर रखकर जो चित्र वायरल किया गया है, उससे राजस्व विभाग एवं अधिकारियों, कर्मचारियों की छवि धूमिल हुई है। विनोद कुमार अहिरवार का किसी जनप्रतिनिधि का अपमान किया जाना शासकीय कर्तव्यों के प्रति अशोभनीय व कदाचरण की श्रेणी में आता है।












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