Panna में अवैध उत्खननः जिन्हें हीरा समझकर बेचने ला रहे, वे महज चमकीले पत्थर निकल रहे
Panna में इन दिनों कई हजार लोग रुंझ नदी, पहाड़ और जंगल में हीरों का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। लोग यहां से निकले सैकड़ों चमकीले पत्थरों को बोरी और पॉलीथिन में भरकर हीरा कार्यालय पहुंच रहे हैं। यहां पारखी इनको देखकर पत्थर बता रहे हैं। लोग मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।

Madhya Pradesh के पन्ना जिले के हीरा कार्यालय में इन दिनों जब तक कथित रुप से हीरा लेकर पहंच रहे हैं। एक महीने पहले तक यहां व्यक्ति इक्का-दुक्का कच्चे हीरा लेकर पहुंच रहे थे। कई लोग पॉलीथिन में तो कुछ लोग बोरी तक में थोक में पत्थर भरकर यहां ला रहे हैं। कुछ लोग चोरी छिपे पोटली में चमकीले पत्थर लेकर पहुंच रहे हैं। चूंकी यह अवैध उत्खनन से निकले हैं, इस कारण लोग इन्हें गुपचुप तरीके से लेकर आ रहे हैं। हालांकि पन्ना कार्यालय में आए दिन मेला सा लग जाता है। जब पारखी के सामने इन चमकीले पत्थरों को रखते हैं और वह चेक करके उन्हें सामान्य पत्थर बताता है तो लोगों के चेहरे उतर जाते हैं, लोग मायूस होकर वापस चले जाते हैं।

रुंझ नदी पर बन रहा है डैम, यहां निकलते रहे हैं हीरा
पन्ना की रुंझ नदी में इन दिनों डैम बनाया जा रहा है। इसके लिए यहां भारी मात्रा में मिट्टी की खुदाई की गई थी। लोगों में अफवाह उड़ गई तो पहले पन्ना उसके बाद आसपास के पड़ोसी जिलों सहित उत्तर प्रदेश तक से 20 से 25 हजार लोग यहां आकर मिट्टी की अवैध खुदाई कर उसमें हीरा तलाश रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद लोग यहां से नहीं हटे और पहाड़, जंगल और नदी सब जगह अवैध रुप से खुदाई कर रहे हैं।

कई लोगों को हीरे मिल भी चुके हैं, ब्लैक मॉर्केट में बिक रहे हैं
पन्ना में हीरों का कारोबार वैध और अवैध तरीकों से कई सालों से चलता आ रहा है। हीरे की चमक ही ऐसी होती है कि लोग जल्द पैसों व अधिक पैसों के चक्कर में दलालों के माध्यम से यहां मिले हीरों को बाहर के व्यापारियों को बेच देते हैं। यहां कई सारे दलाल चोरी-छिपे ऐसे उथली खदान चलाने वालों से संपर्क कर कच्चे हीरों को सीधे बाजार में बिकवा देते हैं। जबकि नियमानुसार यहां की खदान व पट्टों से निकले हीरों को हीरा कार्यालय में ही जमा कराने होते हैं।












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