मंदिर के पुजारी ने की शादी, बीवी के साथ देख पंचायत ने सुनाई सजा
मंदिर के पुजारी को बीवी के साथ देखकर लोग भड़क गए। पंचायत का कहना है कि मंदिर में ब्रह्मचारी ही पुजारी रह सकता है। पुजारी ने कहा कि वह राजनीति के शिकार हुए हैं।
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में मंदिर के पुजारी को शादी करना महंगा पड़ गया। 15 गांवों की पंचायत ने पुजारी को मंदिर से बेदखल करने की सजा सुना दी। पंचों ने पुजारी पर चरित्रहीनता और गबन के आरोप भी लगाए। पुजारी को बोरिया-बिस्तरा के साथ मंदिर से बाहर कर दिया गया।

यूपी में टीकमगढ़ के पारागढ़ मंदिर में कई वर्षों से पूजा करते आ रहे पुजारी उत्तम दास को शादी करना मंहगा पड़ गया। पुजारी ने 15 दिन पहले ही कुण्डेश्वर धाम मंदिर में शादी की थी। वह चोरी-छिपे पारागढ़ मंदिर में अपनी पत्नी को रखे हुये था जिसकी भनक लोगों को लग गई और नाराज श्रद्धालुओं ने पंचायत बुलाकर इसका विरोध किया क्योंकि पारागढ़ मंदिर में वर्षों से बाल ब्रह्मचारी पुजारी ही पूजा करते आ रहे हैं।

15 गांवों की पंचायत ने जहां पुजारी को मंदिर से बेदखल कर दिया वहीं पुजारी पर चरित्रहीनता और मंदिर के चढ़ावे का निजी इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा डाला। सभी पंचों ने एक मत होकर पंचनामा तैयार कर फैसला सुना दिया।

पुजारी ने स्वीकार किया कि उसने शादी की है पर मंदिर से निकालने के पीछे राजनीतिक वजह है। कई लोग मुझसे ईर्ष्या रखते हैं और इसके चलते ही पंचायत बिठाई गई। मुद्दा शादी करना नहीं, किसी और पुजारी से यहां पूजा कराना है। वहीं पंचायत के फैसले पर प्रशासनिक अधिकारी कहते हैं कि यह धर्म से जुड़ा हुआ मुद्दा है। यह पंचायत का फैसला नहीं है बल्कि वहां की परम्परा से जुड़ा मुद्दा है।












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