OPINION: एमपी में ‘कभी मामा तो कभी भैया' बनकर सीएम शिवराज ने जीता जनता का दिल, 1122 दिन 2700 घोषणाएं
OPINION: मध्य प्रदेश, विधानसभा चुनाव घोषणा के मुहाने पर खड़ा हैं। शिवराज सिंह के कंधे पर जब इस राज्य की जबावदारी मिली तो यह जानना जरुरी हो जाता है, कि आखिर क्या बदलाव हुआ और किस बुनियाद पर सूरत बदलती चली आई?
विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। दोनों दल जनता को रिझाने के लिए लुभावनी घोषणाओं पर घोषणाएं और वादों पर वादे किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो पिछले साढ़े तीन साल के अपने कार्यकाल में जनता का मन जीतने के लिए लाड़लियों का मामा, बहनों का भैया, तो बुजुर्गों का बेटा बनकर लगभग ढाई हजार से ज्यादा घोषणाएं की हैं। उन्होंने औसतन हर दिन दो घोषणाएं कर प्रदेश की जनता को रिझाने की कोशिश की है।

पिछले साढ़े तीन सालों की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं पर नजर डालें तो उन्होंने लगभग 2715 घोषणाएं की हैं। सीएम शिवराज ने ये घोषणाएं जून 2020 से जून 2023 के बीच तमाम सभाओं और कार्यक्रमों में की। सरकार का दावा है कि इनमें से 1900 से ज्यादातर घोषणाओं पर अमल शुरू हो चुका है। शिवराज ने घोषणावीर के जुमले के मिथक को भी तोड़ दिया। जो कहा वह करके दिखाया और जनता ने आगे भी उन पर भरोसा जताने तैयार हैं।
शिवराज की किस साल, कितनी घोषणाएं साल कितनी घोषणाएं
- 2020 में 489 घोषणाएं
- 2021 में 880 घोषणाएं
- 2022 में 753 घोषणाएं
- 2023 में 592 घोषणाएं
(नोट-ये सभी घोषणाएं 1122 दिनों में की गई)
शिवराज सिंह की खास लोकलुभावन घोषणाएं -
- 1 करोड़ 32 लाख लाड़ली बहनों को हर महीने 1250 रुपए।
- लाड़ली बहना-उज्वला योजना में महिलाओं को 450 रुपए में गैस सिलेंडर
- 65 लाख ग्रामीण परिवारों के घरों तक नल से जल पहुंचाया।
- 80 किसानों को किसान सम्मान निधि।
- 5 करोड़़ गरीबों को मुफ्त राशन।
- 8 लाख अधिक बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन यात्रा।
- आयुष्मान कार्ड से तीन करोड़ लोगों का मुफ्त इलाज।
- मप्र के 7.5 लाख कर्मचारियों केंद्र के समान महंगाई भत्ता।
- सीएम सीखो कमाओ योजना में दो लाख बेरोजगार नौजवानों का पंजीयन।












Click it and Unblock the Notifications