Hijab Controversy: बोलीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर - 'मुस्लिम महिलाएं घर में ही असुरक्षित इसलिए पहनती हैं हिजाब'

भोपाल, 17 फरवरी। कर्नाटक से शुरु हुए हिजाब विवाद पर राजनीति गर्मा गई है। कई दिग्गज नेताओं ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है तो वहीं अब इस मसले पर भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने विवादित बयान दिया है, उन्होंने बुधवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'भारत में हिजाब की जरूरत नहीं है, यहां पर नारियों की पूजा होती है हिजाब की जरूरत वहां होती है जहां महिलाएं सुरक्षित नहीं होती हैं। हमारे यहां हिंदू समाज में किसी को भी हिजाब पहनने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती है।'

'मुस्लिम महिलाएं घर में ही असुरक्षित इसलिए पहनती हैं हिजाब'

'मुस्लिम महिलाएं घर में ही असुरक्षित इसलिए पहनती हैं हिजाब'

उन्होंने कहा कि 'हिंदू इतना श्रेष्ठ, इतना उच्च और इतना संस्कारी होता है कि हमें कहीं भी हिजाब पहने की जरूरत नहीं है और वहां तो बिल्कुल ही नहीं जहां हम ज्ञान प्राप्ति के लिए जाते हैं। उनका इशारा स्कूल की ओर था। इसके बाद आगे उन्होंने कहा कि 'मुसलमान स्त्रियों को घर में हिजाब पहनने की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि उन्हें अपने घर में ही डर होता है। उन्हें अपने मान-सम्मान के खोने का भय बना रहता है इसलिए वो हिजाब पहनती हैं।'

प्रज्ञा ठाकुर ने हिजाब और खिजाब की तुलना की

प्रज्ञा ठाकुर ने हिजाब और खिजाब की तुलना की

यहीं नहीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हिजाब और खिजाब की तुलना भी कर दी। उन्होंने कहा कि खिजाब का प्रयोग लोग उम्र छिपाने के लिए करते हैं तो वहीं हिजाब का इस्तेमाल चेहरा छिपाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि 'मुस्लिम महिलाएं अपने घर में ही सुरक्षित नहीं होती हैं, उन्हें अपने मामा, चाचा और ताऊ के लड़कों से ही खतरा होता है,इसी कारण वो हिजाब पहनती हैं।'

'हिंदू छात्र भी गुरुकुल में भगवा वस्त्र पहनते हैं'

'हिंदू छात्र भी गुरुकुल में भगवा वस्त्र पहनते हैं'

उन्होंने ड्रेस कोड पर उंगली उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि 'ड्रेस को धर्म से जोड़ने वालों से मैं यही कहना चाहूंगी कि हिंदू छात्र भी गुरुकुल में भगवा वस्त्र पहनते हैं, लेकिन स्कूल-कॉलेजों में यूनिफॉर्म पहनते हैं। मुसलमान भी मदरसे में कुछ भी पहनें इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन स्कूल-कॉलेज में हिजाब की कोई जरूरत नहीं है, वहां सभी को ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए।'

क्या है हिजाब विवाद?

दरअसल ये मामला कर्नाटक से शुरू तब हुआ जब यहां के उडुपी के महाविद्यालय में 6 लड़कियां पिछले साल दिसंबर में हिजाब पहनकर क्लास में पहुंचीं थीं, जिनसे कहा गया था कि उन्हें स्कूल में हिजाब पहने की जरूरत नहीं है, जिस पर लड़कियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था,उन्होंने कहा था कि ये उनसे धर्म से जुड़ा हुआ है इसलिए नहीं उतार सकते हैं। इसके जवाब में महाविद्यालय में कुछ लोग भगवा गमछा पहनकर पहुंचे और फिर इस मसले पर विवाद बढ़ गया। धीरे-धीरे यह विवाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल गया और यही नहीं इसके बाद एक मुस्कान नाम की छात्रा को भी स्कूल के अंदर हिजाब पहनकर जाने से रोका गया था। जब उसने मना किया था तो कुछ शरारती तत्वों ने उसके सामने 'जय श्री राम' के नारे लगाए थे, जिसके जवाब में मु्स्कान ने भी 'अल्लाह हो अकबर' कहा था। इस मामले पर बवाल मच गया और राज्य में हिंसा भी हुई, फिलहाल ये मामला कोर्ट में है।

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