MP: “टाइगर” के कारण खत्म हो जाएगा “नौरादेही अभयारण्य” का नाम, जानिए आखिर ऐसा क्यों होगा
सागर, 10 जुलाई। टाइगर स्टेट मप्र में "बाघों" के कारण जल्द ही सबसे बड़े "नौरादेही अभयारण्य" का नाम खत्म होने वाला है! शासन स्तर से इसके लिए कागज दौड़ने लगे हैं। केंद्र सरकार ने यदि नौरादेही को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया तो इस अभयारण्य को नया नाम मिलेगा "वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व" सागर।


नौरादेही बाघों का प्राकृतिक आवास है
मप्र में क्षेत्रफल के लिहाज से नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य को मप्र शासन ने टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने का निर्णय किया है। करीब एक महीने पहले सागर वन वृत से इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जल्द ही इस प्रस्ताव पर तकनीकि जानकारी और विभागीय प्रक्रिया पूरी कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। शासन ने यह निर्णय इस अभयारण्य को बाघों का प्राकृतिक आवास मानते हुए किया है।

अभयारण्य में कुल 10 बाघ हैं, 9 नौरादेही के 1 बाघ मेहमान है
वर्तमान में यहां पर बाघ परिवार के 10 सदस्य स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। बीते चार साल में बाघों की संख्या दो से बढकर 10 हो गई है। इनमें शावक, वयस्क नर-मादा बाघ शामिल हैं। यह वन्य प्राणी अभयारण्य क्षेत्रफल में प्रदेश का सबसे बडे अभयारण्य का दर्जा रखता है। जो सागर, दमोह और नरसिंह पुर जिले की सीमाओं को करीब 1197 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

पहले नौरादेही को नेशनल पार्क बनाने का प्रस्ताव गया था
नौरादेही अभयारण्य में बाघों की संख्या दो साल पहले पांच थी, इसमें बाघ राधा-किशन और उनके तीन शावक शामिल थे। बीते साल बाघों की संख्या बढने के बाद मप्र शासन वन विभाग ने नौरादेही अभयारण्य को नेशनल पार्क का दर्जा दिलाने के लिए प्रपोजल तैयार किया था। इस पर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई थी, लेकिन बाद में शासन ने इसे टाइगर रिजर्व बनवाने का प्लान तैयार कर इस पर काम शुरू कर दिया था। करीब एक महीने पहले वन मंडल कार्यालय से इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव व अधिसूचना का प्रारुप बनाकर शासन को भेज दिया गया है।

नए टाइगर रिजर्व के साथ नौरादेही का क्षेत्रफल भी बढ़ेगा
नौरादेही अभयारण्य का वर्तमान में सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले की सीमा तक विस्तार है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 1197 वर्ग किलोमीटर बताया जाता है। टाइगर रिजर्व के लिए भेजे गए प्रस्ताव में इसका रकबा बढकर 1390 वर्ग किलोमीटर किया जाएगा।

नए टाइगर रिजर्व में 2 कोर एरिया होंगे
नौरादेही को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उसमें दो कोर एरिया दर्ज किए गए हैं। इसमें पहला तो नौरादेही वन्य प्राणी सागर जिसका प्रस्तावित नाम वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व कोर एरिया-1 होगा तथा दूसरा वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य सिंगौरगढ वनमंडल दमोह जिसे कोर एरिया-2 कहा जाएगा।

टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 81 गांव आएंगे
वन विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्रस्तावित विरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के बफर जोन में सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले के करीब 81 गांव आएंगे। जाहिर है बाघों की संख्या और घनत्व बनने के साथ-साथ इन गांवों का विस्थापन भी किया जाना पडेगा। यह शासन स्तर के लिए फिलहाल कठिन काम है। इन गांवों में वन भूमि के अलावा निजी भूमि भी आएगी, जिसमें प्रति परिवार के अनुसार मुआवजा देना होगा।

नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य पर एक नजर
नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य में फिलहाल तक सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले का करीब 1197 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र में फैलाा है। इसकी स्थापना वर्ष 1975 में भेडिया अभयारण्य के रुप में की गई थी। यहां पर बाघ, तेंदूआ, सांभर, चीतल, गौर, जंगली सुअर सहित अन्य वन्य प्राणी व पक्षियों, प्रवासी पक्षियों सहित वन पेड व वनस्पति की विविधता है।












Click it and Unblock the Notifications