निगम अध्यक्ष लिखी कार भिड़ी, अध्यक्ष बोले-फर्जी प्लेट लगी, मेरी कार सही सलामत, थाने में शिकायत
Sagar नगर निगम अध्यक्ष के नाम की नेम प्लेट लगी एक स्कार्पियों कार शुक्रवार को बहेरिया इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार का बोनट पूरी तरह चरपट हो गया। मामले में खुलासा हुआ कि यह कार निगमाध्यक्ष की है ही नहीं, बल्कि कोई फर्जी तरीके से नेम प्लेट लगाकर इस गाड़ी का उपयोग कर रहा था।

Sagar में नगर निगम अध्यक्ष की नेम प्लेट लगाकर लग्जरी कार का उपयोग करने का खुलासा हुआ है। मामला तब उजागर हुआ जब मकरोनिया से आगे बहेरिया इलाके में एक नई लग्जरी स्कार्पियो कार दुर्घटनाग्रस्त होकर बिजली के खंभे से जा भिड़ी गनीमत रही कि कार की चपेट में कोई नहीं आया। कार पर अध्यक्ष नगर निगम सागर लिखी हुई लाल रंग की नेमप्लेट लगी हुई थी। पीछे कार का नंबर एमपी 15 बीए 7373 की नंबर प्लेट लगी थी। कार में चालक के साथ दो बच्चे, एक महिला भी बैठे हुए थे। बच्चे, महिला और चालक सुरक्षित हैं। मौके पर स्थानीय लोगों ने दौड़कर बच्चों और कार चालक को संभाला। बताया जा रहा है कि हादसे में किसी को कोई गंभीर चोट नही आई है।

निगमाध्यक्ष बोले- मेरी गाड़ी नहीं है, कोई फर्जी नेमप्लेट लगाए है
president of corporation की नेम प्लेट लगी स्कार्पियो कार एमपी 15 बीए 7373 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जब जब वन इंडिया ने नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार से बात की तो उनका कहना था कि मेरी कार तो सामने खड़ी है। मैं मित्रों के साथ बैठा हूं। मेरे पास एक ही गाड़ी है वह भी इनोवा कार है। स्कार्पियों तो मेरे पास है ही नहीं। उन्होंने बताया कि उनके पास केवल एक ही गाड़ी है। दूसरी गाडी भी नहीं है। जिस गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ है, वह कोई अध्यक्ष नगर निगम की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उपयोग कर रहा होगा। उन्होंनें इस मामले में तत्काल एसपी से मुलाकात कर उनको कार एक्सीडेंट और उस पर निगमाध्यक्ष की फर्जी नेम प्लेट लगे होने की जानकारी दी है।

नई गाड़ी है, सदर निवासी व्यक्ति की कार है
निगमाध्यक्ष की नेम प्लेट लगी जो स्कार्पियो कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है। उस पर फर्जी नेम प्लेट लगाकर उसका उपयोग किया जा रहा था, यह तो तय हो गया। जब वन इंडिया ने इस मामले में जब मप्र परिवहन विभाग की बेवसाइट पर नंबर एमपी 15 बीए 7373 को सर्च किया तो यह कार सदर बाजार इलाके के निवासी विष्णु सिंह खटीक पिता अमन खटीक के नाम पर दर्ज है। यह नई कार है और बीते महीने 06 अक्टूबर 2022 को ही रजिस्ट्रेशन ईश्यू किया गया है। फिलहाल इस मामले में निगमाध्यक्ष की शिकायत और पुलिस की जांच में ही मामले का खुलासा हो सकेगा।












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