MP Weather Update: वैशाख में ओलावृष्टि, दमोह में गुलमर्ग सा नजारा, फसलें, आम की उपज भी बर्बाद
लू-पलट और बेहाल करने वाली गर्मी के दौर में ओलावृष्टि से जहां लोगों को ग्रामीण इलाकों में ही कश्मीर, गुलमर्ग जैसा नजारा दिख रहा है, वहीं फसलें चौपट हो गई हैं।

MP Weather Update मप्र में बीते तीन दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। सोमवार को प्रदेश के 12 से अधिक जिलों में तेज हवाएं और बारिश का दौर देखने को मिला। इधर बीते रोज रविवार को बुंदेलखंड में मौसम ने कहर ढाया और दमोह के बालाकोट गांव तेज ओलावृष्टि से सड़क, आंगन, खेत, जंगल में ओलों की चादर बिछ गई थी। यहां कश्मीर के गुलमर्ग जैसा नजारा दिख रहा था।
बुंदेलखंड के दमोह से 15 किमी बालाकोट के जंगल में रविवार की शाम 4 बजे तेज बारिश के साथ करीब आधा घंटे की ओलावृष्टि ऐसी हुई। कुछ देर के लिए काश्मीर के गुलमर्ग की तरह बालाकोट का जंगल नजर आने लगा था। बालाकोट में गेहूं की कटने के लिए खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। वहीं बटियागढ़ ब्लाॅक में तेज तूफान से कई पेड़ उखड़। इस आंधी तूफान से आम के पेड़ पर अमिया गिरने से आम की फसल को नुकसान हुआ है।

बालाकोट के किसान गोलू सिंह अपनी भैंसों को लेने रविवार शाम 4 बजे जंगल गए थे। उसी दौरान तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। वह बचने के लिए पास ही बने एक झोपड़े में छुप गए। उन्होंने अपने मोबाइल से हो रही ओलावृष्टि का दृश्य कैद किया तो बालाकोट का जंगल कश्मीर के गुलमर्ग की तरह नजर आया। पेड़ों के बीच बेर बराबर ओलों की सफेद चादर बिछ गई थी। किसान गोलू सिंह ने बताया कि बालाकोट क्षेत्र में छोटे किसानों के खेतों में अभी भी कटाई नहीं हुई थी। जिससे उनकी फसल इस ओलावृष्टि में बर्बाद हो गई है। जिसमें किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है।
इसी प्रकार दमोह के बटियागढ़ ब्लाॅक में तेज आंधी तूफान उठा था। जिससे कई पेड़ धराशायी हुई हैं। बटियागढ़ ब्लाॅक में सबसे ज्यादा आम के बाग हैं। जिससे इस आंधी तूफान से आम की फसल को नुकसान बताया जा रहा है। इसी तरह छतरपुर जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र और सागर शहरी क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई है।












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