MP News: इस जिले में गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड, स्कूलों का टाइमिंग बदला, अलर्ट जारी
मध्यप्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के दौरान बढ़ते हुए तापमान को ध्यान में रखकर जिले में बच्चों के हित में स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार जिले में अब प्ले ग्रुप से दूसरी कक्षा तक के लिये प्रात: 9 बजे से दोपहर एक बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसी तरह तीसरी से बारहवीं तक की कक्षाएँ प्रात: 8 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक संचालित होंगीं। परीक्षायें यथावत संचालित रहेंगीं। यह आदेश एक अप्रैल से प्रभावशील होगा और जिले की सभी शासकीय- अशासकीय और अनुदान प्राप्त शालाओं पर लागू होगा।

मध्यप्रदेश में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रीष्म ऋतु में लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव हेतु एडवायजरी जारी की गई है। लू (तापघात) से बचाव एवं उपचार हेतु जारी एडवायजरी में दिये गये सुझावों का पालन करें।
मध्यप्रदेश में लगातार तापमान बढ़ रहा है, जहां लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है, जैसे-जैसे तापमान बढ़ता चला जा रहा है वैसे-वैसे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि लू (तापघात) के लक्षण दिखाई देते ही निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव के उपाय करें। उन्होंने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में लू लगने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। वृद्ध, बच्चे, खिलाड़ी, धूप में काम करने वाले श्रमिक सर्वाधिक खतरे में रहते हैं। पसीना न आना, गर्म-लाल एवं शुष्क त्वचा, मतली, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, उल्टियां होना, बेहोश हो जाना एवं पुतलियां छोटी हो जाना लू (तापघात) के प्रमुख लक्षण एवं संकेत हैं।
गर्मी व लू से बचाव के लिए खूब पानी पीये व खाली पेट न रहें, शराब व चाय-कॉफी के अधिक सेवन से बचें, ठण्डे पानी से नहाएं, सर ढके व हल्के रंग के ढीले व पूरी बांह के कपड़े पहने, बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़े, दिन में 12 से 4 बजे के मध्य बाहर जाने से बचें, धूप में नंगे पाँव न चलें, बहुत अधिक भारी कार्य न करें। बाहर निकलना आवश्यक हो तो छतरी व धूप के चश्मे का उपयोग करें, धूप में निकलने से पहले कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पीये, बुखार व लू लगने पर निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। ओ.आर.एस. का घोल, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का रस इत्यादि का सेवन लाभदायक होता है। इनका सभी उपायों का उपयोग कर गर्मी के प्रभाव से बचा जा सकता हैं।
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