MP Weather: इन जिलों में मौसम का एक्शन, बारिश और ओले से किसान सावधान
मध्यप्रदेश में आगामी 2 दिनों के बाद गरज-चमक के साथ एक दो स्थानों में बौछारें पडने तथा आसमान में बादल छाये रहने की सम्भावना है। दिन का तापमान 30 से 32 डि.से. के मध्य रहने तथा रात का न्यूनतम तापमान 14 से 15 डि.से. के मध्य रहने की संभावना है। हवा की औसत गति 03 से 06 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना हैं।
पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर किसान भाई, रबी फसल की कटाई के बाद खाली खेतों में ग्रीष्मकालीन मूंग की बोनी हेतु खेतों की तैयारी का कार्य करें तथा उन्नत प्रजातियों का चयन करें। कद्दूवर्गीय सब्जियां जैसे-कद्दू, लौकी, टिण्डा, करेला, तरबूज एवं खरबूज में लाल कीड़ा का प्रकोप देखा जा रहा है, इससे बचाव हेतु किसान भाई, क्वनालफास 25 ई.सी. दवा की 2.0 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें तथा दवा छिड़काव के सात दिन बाद तक सब्जियों को नहीं तोड़े।

आगामी दिनों में बादल छाए रहने के कारण प्याज एवं क्रूसीफेरी फसलों में रसचूसक कीट जैसिड एवं थ्रिप्स का प्रकोप होने की संभावना है। नियंत्रण हेतु कवकनाशी एवं एंटीबायोटिक के साथ क्लोरोपायरीफॉस 20 ई.सी. 1-25 से 1-5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।मिर्च, टमाटर, बैंगन और पपीता में चूर्रा-मूर्रा रोग देखा जा रहा है, इसके नियंत्रण हेतु क्विनालफॉस 25 ई.सी. दवा की 1.5 मिली लीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें एवं सात दिनों तक सब्जी न तोड़े।
बैंगन में फल एवं तना छेदक कीट का प्रकोप देखा जा रहा है, अत: किसान फसल का निरीक्षण करें तथा कीट पाये जाने पर बचाव हेतु क्विनालफॉस 25 ई.सी. दवा की 1.5 मिली लीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। कटहल, आम में फलों को गिरने से रोकने हेतू 2,4 डी दवा की 1 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी अथवा यूरिया 2 प्रतिशत का घोल बनाकर छिड़काव करें तथा किसान भाई 7-10 दिन के अंतराल पर सिंचाई अवश्य करते रहें।
गर्मी के मौसम की सब्जियां जैसे- कद्दू, लौकी, खीरा, टिण्डा, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, भिंड़ी, करेला इत्यादि की बुवाई तैयार खेतो में जारी रखें। बुवाई से पहले बाविस्टिन दवा की 2 ग्राम मात्रा प्रति किलो बीज में मिलाकर बीजोपचार करें। पशुशाला को बाह्य परजीवी जैसें मक्खी व मच्छरो से बचाने हेतु साफ-सफाई का बिशेष ध्यान रखें साथ ही साथ मेलाथियान या फिनिट का स्प्रे करें।
किसान, पशुऔं को पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए प्रति पशु 50 ग्राम खनिज मिश्रण तथा 25 किलोग्राम हरा चारा/पशु/दिन तथा आवश्यकतानुसार सांद्र मिश्रण उपलब्ध कराएं।
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