MP News: मॉनसून का कहर, 37 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर, CM की जनता से सतर्क रहने की अपील

MP News weather: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने जमकर कहर बरपाया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जून से 10 जुलाई 2025 तक प्रदेश में दीर्घकालिक औसत से 71% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसमें पूर्वी मध्य प्रदेश में 84% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 60% अधिक बारिश हुई है। 37 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें विदिशा, रायसेन, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, छतरपुर, सिवनी, बालाघाट, और मुरैना में बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की चेतावनी है।

नर्मदा, भाड़ार, और धान जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनता से सतर्क रहने और प्रशासन को आपदा प्रबंधन के लिए तैयार रहने की अपील की है। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट लाई है मध्य प्रदेश के मौसम, बारिश प्रभावित जिलों, और हाल के हादसों की पूरी जानकारी।

Heavy rain alert in 37 districts rivers in spate CM Mohan Yadav appeals to people to be cautious

मौसम का ताजा अपडेट: 37 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 37 जिलों में भारी से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम/पूर्व शिवपुरी (कूनो नेशनल पार्क), श्योपुर कलां, मुरैना, अशोकनगर, उत्तरी विदिशा, पन्ना (टाइगर रिजर्व), मैहर, कटनी, सतना (चित्रकूट), उमरिया (बांधवगढ़), और शहडोल (बाणसागर बांध) में बिजली के साथ मध्यम गरज और बारिश की संभावना है। दक्षिण विदिशा (उदयगिरि), रायसेन (सांची), पश्चिम सागर, उत्तरी नर्मदापुरम, खंडवा, दक्षिण-पश्चिम शिवपuri, गुना, पश्चिम ग्वालियर, दमोह में बिजली के साथ हल्की आंधी और बारिश की आशंका है।

दोपहर के समय छतरपुर, रीवा, सिवनी, जबलपुर (भेड़ाघाट), मंडला (कान्हा), बुरहानपुर, अनुपपुर (अमरकंटक), सीधी (संजय-दुबरी नेशनल पार्क), डिंडोरी, उत्तरी छिंदवाड़ा, और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, नरसिंहपुर, गुना, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, निवाड़ी, और जबलपुर में मध्यम बारिश हो सकती है। दतिया, पन्ना, कटनी, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, शाजापुर, और देवास में रात में हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने के कारण अगले 24-48 घंटों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। 13 जुलाई तक भारी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

बाढ़ और हादसों का दौर

भारी बारिश ने मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। हाल के कुछ प्रमुख हादसों ने प्रशासन और जनता को सतर्क कर दिया है:

सागर (बंडा): एक कार उफनते नाले में बह गई। कार में सवार तीन लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई।

नरसिंहपुर: स्टेट हाईवे-22 पर नर्मदा नदी का झांसी घाट पुल डूब गया, जिससे नरसिंहपुर और जबलपुर का सड़क संपर्क टूट गया। विपतपुरा गांव में तीन बच्चे नदी में डूब गए। एक का शव बुधवार सुबह 7:30 बजे और दूसरे का दोपहर 1:30 बजे मिला, जबकि तीसरे की तलाश में SDRF की टीमें लगी हैं।

कटनी (बरही, हदरहटा): धान रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से चार लोग झुलस गए।

सतना: तेज बारिश से एक पेड़ गिर गया, जिससे कई दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा और एक मकान का चबूतरा क्षतिग्रस्त हो गया।

शिवपुरी (गूगरीपुरा): एक बाइक रपटे को पार करते समय बह गई। सवार तीन युवकों में से एक बाइक समेत बह गया, लेकिन बाद में तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया।

बैतूल (बीजादेही): मोरड नदी में एक बोलेरो वाहन बह गया, जिसे ग्रामीणों ने ड्राइवर सहित सुरक्षित निकाल लिया।

छतरपुर (नौगांव): भाड़ार नदी के पुल पर तेज बहाव के कारण एक बाइक सवार बह गया, जिसे एक घंटे के बचाव अभियान के बाद सुरक्षित निकाला गया।

नर्मदा, धान, और भाड़ार जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। टीकमगढ़ में बानसुजारा डैम के 9 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे धान नदी का जलस्तर 8-10 फीट बढ़ गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।

मुख्यमंत्री की जनता से अपील

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भारी बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए जनता से सतर्क रहने की अपील की है। 1 जुलाई 2025 को भोपाल में एक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा, "इस साल अच्छी बारिश हो रही है, इसलिए मैंने प्रशासन को बहुत सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। सावन का महीना शुरू होने वाला है। मैं जनता से अपील करता हूं कि नदियों और नालों के किनारे न जाएं, बच्चों को अकेले न छोड़ें, और मौसम की अपडेट पर नजर रखें।" उन्होंने SDRF और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रहने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

सीएम ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा, "गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।" उन्होंने कलेक्टरों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए कहा।

बारिश का असर: बाढ़, जलभराव और जनजीवन पर प्रभाव

  • मध्य प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में 14 इंच औसत बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी अधिक है। सिवनी में 62 मिमी, मंडला में 45 मिमी, और छतरपुर में 24 मिमी बारिश हाल के दिनों में दर्ज की गई। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, और ग्वालियर संभागों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नरसिंहपुर, शिवपुरी, और शहडोल में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
  • जलभराव: भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। भोपाल में रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहावना बनाया, लेकिन सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।
  • कृषि पर प्रभाव: भारी बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं, क्योंकि खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभकारी है। हालांकि, अति भारी बारिश से कुछ क्षेत्रों में फसलें डूबने की आशंका है।
  • सड़क और यातायात: कई स्टेट हाईवे और ग्रामीण सड़कें टूट गई हैं या जलमग्न हैं। नरसिंहपुर-जबलपुर मार्ग पूरी तरह बंद है।

मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बारिश का यह दौर चल रहा है। मानसून ट्रफ गुना, उमरिया से होकर डिप्रेशन के केंद्र तक है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 13 जुलाई तक सिवनी, मंडला, बालाघाट, और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+