MP में मौसम बदला, सर्द हवाओं के बीच किसान कैसे रखें फसलों का ध्यान, जानिए
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में रबी मौसम का 134873 हेक्टेयर रकबा लक्षित होकर 130154 हेक्टेयर में बुआई कार्य सम्पन हो चुका है। जिसमे मुख्यतः गेहू 102235 हेक्टेयर, चना 20530 हेक्टेयर तथा मक्का 5885 हेक्टेयर समिलित है।
रबी मौसम की फसलों की स्थिति तथा रासायनिक उर्वरको की उपलब्धता व वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में जिला कलेक्टर नेहा मीना द्वारा समय-समय पर प्रदत्त निर्देश के अनुक्रम में उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला झाबुआ एन. एस. रावत द्वारा सतत क्षेत्र भ्रमण कर फसलो की स्थिति का जायजा ले रहे है।

अद्यतन फसल अच्छी स्थिति में देखी गई है। तथा रबी मौसम की फसलों को शीत लहर एवं पाले से बचाव हेतु निम्नानुसार समसामयिक सलाह व पौधो में प्रकट होने वाले लक्षण के बारे में जानकारी भी दी जा रही है:-
शीत लहर के कारण पौधों की पत्तिया व फूल झुलसने के बाद झडने लगते है। रात के समय तापमान में गिरावट आने पर फसल की पत्तियों पर बर्फ की पतली परत जम जाती है जिसे पाला कहते है। पाले से बचाव हेतु यांत्रिक क्रियाए खेत की मेड पर धुआ करना, पौधों के पास टटिया बाधकर उत्तर पश्चिम दिशा में वायुरोधी करे। फसलो में सिचाई करे। पादप नियामको का प्रयोग घुलनशील सल्फर 200 ग्राम या थायो यूरिया 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड छिडकाव करे।
गेहू फसल में जड माहू कीट के नियंत्रण हेतु अनुशंषित कीटनाशक क्लोरपाइरीफॉस 20 ईसी 1.5 लीटर प्रति हेक्टेयर 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे। गेहू फसल में पीलापन आने पर अनुशंषित 19:19:19 का छिडकाव करे। चना फसल में ईल्ली का प्रकोप होने पर क्विनालफॉस 25 ईसी/प्रोफेनोफॉस 50 ईसी का उचित धोल बनाकर छिडकाव करे। मक्का फसल में फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण हेतु क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी/ईमामेक्टिन बेन्जोएट 5 ईसी 04 ग्राम प्रति लीटर पानी में उचित घोल बनाकर छिडकाव करे।
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