MP Weather: कब तक रहेगा सर्द हवाओं का असर, इन जिलों में ठंड बरपाएगी कहर
MP Weather: मध्य प्रदेश में मार्च महीने का मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है, जहां मार्च के महीने में नवंबर जैसी ठंड ने लोगों को परेशान किया हुआ है। मध्य प्रदेश में जहां मौसम से ठंड की रवानगी तय मानी जा रही है। वहीं इस बीच सर्द हवाओं ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में अपना डेरा जमा लिया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर और आसपास के जिलों में सर्द हवाएं लगातार रफ्तार पकड़ रही है, जहां सर्द हवाओं के रफ्तार पकड़ते ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सर्द हवाओं के चलते तापमान जहां लगातार गिर रहा है, तो वहीं कड़ाके की ठंड लोगों को परेशान कर रही है। इधर, मौसम वैज्ञानिकों की माने तो आने वाले दिनों में इसी तरह का मौसम मध्य प्रदेश में देखने मिल सकता है।

मध्य प्रदेश में एक बार फिर सर्द हवाओं का दौर लौट आया है, जहां सर्द हवाओं के रफ्तार पकड़ने से मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कड़ाके की ठंड देखने मिल रही है। अचानक सर्द हवाओं के चलने से अब मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम का मिजाज बदल रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों का मौसम बदल रहा है, जहां पहाड़ी इलाकों से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को कम कर रही है। वहीं आने वाले दिनों में मौसम वैज्ञानिकों ने इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई है, जहां होली के बाद से तापमान में बढ़ोतरी होगी, और लू चलने जैसी स्थिति पैदा होगी।
मध्य प्रदेश में मौसम के लिए मार्च का महीना बेहद खास होने जा रहा है, जहां इस महीने दो अलग-अलग तरह के मौसम मध्य प्रदेश में देखने मिलेंगे, आधे मध्य प्रदेश में बारिश होती नजर आएगी, तो वहीं आधे मध्य प्रदेश में गर्म हवाएं रफ्तार पकड़ेगी।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो ग्वालियर-चंबल अंचल में गर्म हवाओं के चलते लोगों को गर्मी का एहसास होगा, तो वहीं पश्चिम उत्तर भारत में निर्मित हुआ वेदर डिस्टरबेंस इंदौर और उज्जैन समेत आसपास के अंचल में रिमझिम बारिश करवा सकता है। साथ ही मौसम विभाग ने बादल छाने की संभावना जताई है।
मार्च का महीना शुरू हो चुका है, जहां मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने मिलेगा, जहां मार्च के पहले सप्ताह में नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के चलते बारिश की स्थिति बन सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो 2 से 4 दिनों तक इस तरह की स्थिति बनी रह सकती है, जहां 2 मार्च से नया वेदर डिस्टरबेंस एक्टिव होने जा रहा है, जिसके चलते मध्य प्रदेश का मौसम भी बदलेगा और 4 मार्च से कहीं-कहीं बादल छाने के साथ-साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है। मंदसौर रतलाम और नीमच जिलों में बारिश हो सकती है, तो वहीं ग्वालियर-चंबल इलाके में बूंदाबांदी की संभावना मौसम विभाग जाता रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो उत्तर भारत में वेदर डिस्टरबेंस एक्टिव है, इसी के साथ पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन सिस्टम बना हुआ है। इसी वजह से मध्य प्रदेश का मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है, जहां अब दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है, जहां वेदर डिस्टरबेंस के चलते मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बरसात होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं यदि ऐसा होता है तो तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। उधर, पहाड़ी राज्यों में लगातार बर्फबारी होने के चलते मैदानी इलाकों में सर्द हवाएं रफ्तार पकड़ सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो वेदर डिस्टरबेंस के चलते 5 मार्च तक का मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा, जहां कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के साथ बारिश हो सकती है। वहीं पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखेगा, जिससे मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में सर्द हवाओं के रफ्तार पकड़ने की संभावना है।
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