Sagar: प्रशासन ने माना, 3.33 लाख किसानों की अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद, देना होगा 216 करोड़ मुआवजा
सागर, 14 सितंबर। मप्र के सागर जिले में बीते महीने में लगातार बारिश के बाद बने बाढ़ जैसे हालातों के बाद किसानों की फसलें तबाह हो गई थीं। फसलें तो ठीक खेतों की मिट्टी तक नदियों में बह गई थी। सर्वे के बाद अब स्थिति लगभग स्पष्ट है कि जिले के किन इलाकों में कितना नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी अनुसार जिले की 10 तहसीलों में 1467 गांवों में करीब 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, उड़द सहित अन्य फसलें खराब हुई हैं। करीब 3.33 लाख किसान बाढ़ और बारिश से प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने शासन को जानकारी भेजकर करीब सवा दो करोड़ रुपए मुआवजा बांटने के लिए मांगे हैं।

सागर में बीते दिनों जोरदार बारिश, बाढ़ जैसे हालात और अतिवृष्टि के बाद फसलों को हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट आ गई है। इसमें जिला प्रशासन ने बताया है कि शासन को नुकसान का मुआवजा बांटने के लिए 216 करोड़ रुपए कि डिमांड भेजी गई हैं। जिले में अतिवृष्टि से करीब 3 लाख 33 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। इनके खेतों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। जिसका रकबा करीब 2 लाख 96 हजार हेक्टेयर से अधिक है। बर्बाद हुई फसलों में सबसे ज्यादा सोयाबीन, उड़द, धान, और मक्का की फसलें प्रमुख हैं। उल्लेखनीय है कि बाढ़ के हालात के बीच प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चैहान ने इलाके का हवाई सर्वे किया था, उसके बाद वे बीना और कुरवाई आए थे। यहां किसानों से मिलकर कहकर गए थे कि मैं सर्वे करा रहा हूं, सबको फसलों का मुआवजा और बाढ़ राहत की राशि दिलाई जाएगी।
इन तहसीलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सागर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान सागर ग्रामीण तहसील में हुआ है। यहां 55 हजार 663 हेक्टेयर एरिया में फसलें खराब हुई हैं। इसके अलावा खुरई, बीना, जैसीनगर, गढ़कोटा, राहतगढ़, शाहगढ़, बंडा, सागर ग्रामीण, रहली, और सागर नगर व आसपास का इलाक शामिल है, जहां फसलों अति बारिश से प्रभावित हुई हैं। जबकि जिले की मालथौन, देवरी, केसल तहसीलों में बारि?श से नुकसान नहीं हुआ है।












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