MP: नकाब में आई थी बच्चा चोर, लड़का समझ लाड़ली को उठा ले गई, बाद में सीढ़ियों पर छोड़कर भागी
सागर, 21 सितंबर। सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में बुधवार को बुर्का पहने एक महिला ने नवजात को चोरी कर लिया। बाद में अस्पताल के पीछे की तरफ सीढ़ियों पर एक थेले में रखा नवजात बच्ची रखी मिली। आशंका है कि बच्चा चुराने वाली महिला ने उक्त नवजात बच्ची को बच्चे के धोखे में चुरा लिया होगा, बाद में जब उसे पता चला कि यह तो बच्ची है तो उसे सीढ़ियों पर छोड़कर भाग गई। अस्पताल में आने-जाने वालों ने जब थैले में से बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। इधर गायनी ओपीडी में उसकी मां हैरान-परेशान बच्ची को तलाश रही थी।

बीएमसी में बुधवार को स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में सेमराबाग बरारु से प्रसूता रीना शिल्पी पति राजू शिल्पी आई थीं। उनका बीते 9 सितंबर को सीजर हुआ था। उनकी स्वस्थ्य बच्ची जन्मी थी। वे घर से रुटीन चैकअप कराने गायनी विभाग आई थीं। स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में लंबी लाइन लगी थी, सो रीना बाहर गलियारे में बाहर बैंच पर बैठ गईं। उनके पास में ही बुर्का पहने एक महिला बैठी हुई थी। आसपास में बैठने के कारण रीना व दूसर महिला आपस में हल्की-फुल्की बात करते रहे। रीना के चैकअप का नंबर आया तो स्टाफ ने नवजात बच्ची को संक्रमण का खतरा बताकर उसे ओपीडी में ले जाने से रोक दिया। इसके बाद वह महिला रीना से बोली कि आप बच्चा मुझे दे दो मैं संभाल लूंगी आप चैकअप करा लो। रीना ने भरोसा कर बच्ची को उसकी गोद में सौंप दिया और डाॅक्टर के चैंबर में चैकअप कराने चली गईं। करीब 10 मिनट बाद बाहर आईं तो वह महिला बेंच पर नहीं थी। रीना से सोचा यहीं कहीं घूम रही होंगी बच्ची रो रही होगी इसलिए बहला रही होंगी। रीना ने बुर्का पहने महिला को आसपास तलाशने का प्रयास किया, लेकिन वह नजर नहीं आई। इस दौरान उनके पति राजू शिल्पी नीचे थे, जिन्हें फोन करके ऊपर बुलाया और जानकारी लगी तो होश उड़ गए। बच्ची व महिला की चारों तरफ तलाश शुरु की गई तो हंगामा मच गया।

अस्पताल में पीछे वार्ड की सीढ़ियों पर थैले में रो रही थी बच्ची
इधर अस्पताल में वार्ड की तरफ पीछे सीढ़ियों पर एक थैला रखा था। आते-जाते लोगों ने उस पर ध्यान नहीं दिया। अचानक थैले से बच्चे के रोने की आवाज आने लगी तो लोगों ने देखा तो उसमें एक नवजात बच्ची रखी थी। आसपास भीड़ लग गई, सुरक्षा गार्ड दौड़कर आए। नर्सिंग स्टाफ को बुलाया गया तो उन्होंने बच्ची को संभाला। जब थैले में एक बच्ची मिलने की जानकारी प्रबंधन को मिली तो उधर से एक बच्ची गुमने की जानकारी पुलिस के माध्यम से मिली तो माजरा समझ आया। पुलिस ने रीना को बुलाकर बच्ची दिखाई तो वह रीना की निकली। इसके पहले नर्सिंग स्टाफ बच्ची को संभाले रहा। बच्ची को देख रीना की जान में जान आई और वह वहीं बच्ची को गोद में लेकर फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने सुपुर्दगी पत्र लिखवाकर कागजी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को घर ले जाने की अनुमति दे दी।

मेडिकल कॉलेज में बच्चा चोरी होने का पहला मामला
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में बड़े बच्चे गुमने व बाद में बच्चे मिलने की घटनाएं तो सामने आई हैं, लेकिन नवजात बच्चा चोरी होने का पहला मामला सामने आया है। ओपीडी, ऑब्स एंड गायनी विभाग के परिसर, वार्ड, लेबररुम व लेबर ओटी सहित एनआईसीयू, पीआईसीयू के आसपास बीते 10 सालों में इस तरह की कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई है। यह पहला मामला है, जब कोई बच्चा चोरी की घटना हुई हैं। गनीमत तो यह रही कि वह बच्ची थी और महिला उसे सीढ़ियों पर छोड़कर भाग गई। अन्यथा एक मां अपने कलेजे के टुकड़े से और एक नवजात, अबोध बच्ची अपनी मां को खो देतीं।
मामला सामने आया है, जांच करा रहे हैं
गायनिक ओपीडी से एक बच्ची को संभालने के नाम पर ले जाने की जानकारी मेरे पास आई है। मामले में पड़ताल करा रहे हैं। स्टाफ ने बताया था बच्ची सीढ़ियों पर थैले में मिली थी। मामले में पुलिस ने बच्ची की मां को दिखाया तो उसी की बच्ची थी। पूरा मामला क्या है, कैसे हुआ, महिला कौन थी, क्यों आई थी, बच्चा ले जाने की नियत क्या चोरी थी, इसको लेकर पड़ताल करा रहे हैं। गायनी विभाग से जुड़ी सभी इकाईयों के आसपास सुरक्षाकर्मियों को अहतियात बरतने, संदिग्धों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. एसके पिप्पल, अधीक्षक, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर












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