MP: इस ऑनलाइन गेम को खेलने से बचें, वरना ठगी का शिकार होने के लिए तैयार रहें
मध्य प्रदेश के इंदौर में इन दिनों ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जहां ऑनलाइन गेम के माध्यम से ठगी करने के मामले निरंतर बढ़ते चले जा रहे हैं। लगातार बढ़ते ठगी के मामलों के बाद अब पुलिस सख्त है, जहां पुलिस ने इस तरह के गेम से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
इंदौर पुलिस ने बताया कि, ठग "एरोप्लेन गेम" जैसे ट्रैप वाले गेम बनाते हैं और लोगों को बताते हैं कि जितना एरोप्लेन ऊपर उड़ेगा, उतने पैसे दुगने होंगे। लेकिन सच यह है कि पीड़ित कभी भी वेबसाइट से पैसे नहीं निकाल पाता। ऐसे धोखाधड़ी वाले गेम्स से बचें, अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखें, और किसी भी बेटिंग वेबसाइट पर पैसे निवेश न करें।

मध्यप्रदेश के इंदौर में ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के माध्यम से लोगों के साथ फ्रॉड करने वाली मंदसौर की गैंग के 08 आरोपी, क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस की कार्यवाही में गिरफ्तार हुए हैं। गैंग द्वारा वेबसाईट रॉक एक्सचेंज के माध्यम से की जा रही थी, करोड़ो रुपये की ऑनलाइन गैंबलिंग।
ऑनलाइन गेम का बना रखा था ऐसा अल्गोरिथम की इसमें पैसे लगाने वाले व्यक्ति का जीत का प्रतिशत बहुत कम कर दिया जाता है, और शुरू में उसे जिताकर थोड़ा लालच दिया जाता है।ये कम उम्र के नाबालिग बच्चों व युवाओं को लुभावने ऑफर द्वारा जल्दीअमीर बनने की चाहत में, सट्टा और ऑनलाइन गैंबलिंग के लिए प्रेरित कर, लगवा देते है, इसकी लत।आरोपियों के पास से 29 मोबाइल 13 चेक बुक/पास बुक, 6 लैपटॉप, नगदी व मिला करोड़ो का हिसाब किताब।
मध्यप्रदेश के इंदौर में फर्जी Digital Arrest के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देने वाली गैंग के सूरत (गुजरात) एवं मैहर (मध्यप्रदेश) के कुल 04 आरोपी, क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए हैं। महिला फरियादिया के साथ 01 करोड़ 60 लाख रू की ऑनलाइन ठगी हुई थी।
उक्त ऑनलाइन ठगी से संबंधित सैकड़ों बैंक खातों को पुलिस ने फ्रिज कराया है, जिसमें करोड़ों रूपए के ट्रांजैक्शन मिले हैं। गैंग के सदस्य, कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी, CBI अधिकारी, RBI अधिकारी होना बताकर फर्जी कूटरचित दस्तावेज भेजकर पुलिस केस में फंसाने का झूठ बोलकर ऑनलाइन पैसे प्राप्त कर वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अंजान व्यक्ति के द्वारा किए गए वीडियो कॉल के पूर्व रखे सावधानी, या तो कॉल रिसीव न करे या अपने मोबाइल के फ्रंट कैमरे को छुपाकर रिसीव करे ताकि कॉल के पश्चात् कोई अशलील वीडियो बनाकर ठग आपको ब्लैकमेल न कर सके।
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