MP News: एयर स्ट्राइक पर सीएम मोहन यादव का बयान: "ये न्याय है, अब आतंकियों के चेहरे पर खौफ दिखना चाहिए"

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले, जिसमें 27 पर्यटकों की जान चली गई थी, के ठीक 15 दिन बाद भारत ने अपने वीर जवानों की ताकत से दुनिया को चौंका दिया। बुधवार देर रात 1:44 बजे, भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए।

बहावलपुर, मुरीदके, बाघ, कोटली, और मुजफ्फराबाद में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के अड्डे ध्वस्त कर दिए गए। इस ऑपरेशन ने न केवल पहलगाम के शहीदों को न्याय दिलाया, बल्कि मध्य प्रदेश में भी गर्व, गुस्से, और प्रतिक्रियाओं का तूफान खड़ा कर दिया। आइए, इस रोमांचक और देशभक्ति से भरी कहानी में डूबते हैं, जहां भारत ने आतंक के आकाओं को सबक सिखाया और मध्य प्रदेश ने अपने सीने में गर्व भरा!

CM OF MP Mohan Yadav s statement on Operation Sindoor air strike This is justice

ऑपरेशन सिंदूर: सटीक हमले, आतंक का खात्मा

22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरण वैली में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। तीन आतंकियों-दो पाकिस्तानी (हाशिम मूसा उर्फ सुल्तान और अली भाई उर्फ तल्हा भाई) और एक स्थानीय (अनंतनाग का आदिल हुसैन ठोकर)-ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली पर्यटक शहीद हो गए। हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है। भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद करार दिया और जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया।

15 दिन बाद, 7 मई की रात, भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स और ड्रONES ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें शामिल थे:

  • बहावलपुर (पाकिस्तान): जैश-ए-मोहम्मद का गढ़, जहां आतंकी ट्रेनिंग कैंप संचालित होते हैं।
  • मुरीदके (पंजाब, पाकिस्तान): लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय, जहां हमलों की साजिश रची जाती है।
  • कोटली, बाघ, मुजफ्फराबाद (PoK): हिजबुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकी समूहों के ठिकाने।
  • अहमदपुर ईस्ट और अन्य स्थान: आतंकी लॉजिस्टिक्स और हथियार डिपो।

भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा, "हमने सटीक और गैर-आक्रामक तरीके से केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। कोई पाकिस्तानी सैन्य सुविधा या नागरिक क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ। यह पहलगाम के बर्बर हमले का जवाब है।" ऑपरेशन की निगरानी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे "आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम" करार दिया।

MP News: मध्य प्रदेश में प्रतिक्रियाएं, गर्व और गुस्सा

मध्य प्रदेश, जो हमेशा से देशभक्ति और शहादत का गवाह रहा है, में ऑपरेशन सिंदूर की खबर ने जोश और जज्बा भर दिया। भारतीय सेना के आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट-"ऑपरेशन सिंदूर...पहलगाम आतंकी हमला, न्याय हुआ, जय हिंद"-को लाखों लोगों ने देखा और शेयर किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे रिट्वीट करते हुए लिखा, "भारत माता की जय!" नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने X पर लिखा, "56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई। आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा गया।" खाद्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा, "ये नया भारत है, जो आतंक को बर्दाश्त नहीं करता।"

भोपाल में लोगों ने सड़कों पर उतरकर तिरंगा लहराया और "भारत माता की जय" के नारे लगाए। इंदौर में स्थानीय संगठनों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सेना की कार्रवाई की सराहना की। ग्वालियर में सैन्य परिवारों ने इसे "शहादत का सम्मान" बताया। लेकिन इन सबके बीच, पहलगाम हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की शहादत ने मध्य प्रदेश के लोगों के दिलों में गुस्सा भी भरा।

MP News: इंदौर का दर्द, सुशील की शहादत, जेनिफर की मांग

पहलगाम हमले में इंदौर के 42 वर्षीय सुशील नथानियल भी शहीद हुए थे। सुशील अपनी पत्नी जेनिफर और दो बच्चों के साथ पहलगाम की बैसरण वैली में छुट्टियां मना रहे थे, जब आतंकियों ने उन पर गोलियां बरसाईं। जेनिफर, जो हमले में घायल हुईं, ने ऑपरेशन सिंदूर की खबर सुनकर कहा, "मेरे पति की शहादत का बदला लेना जरूरी था। वो चार आतंकी, जिन्होंने यह कायराना हमला किया, उन्हें भी मारना चाहिए। उनके चेहरों पर खौफ आना चाहिए। जो उन्हें सिखा रहे हैं, उन्हें भी सबक मिलना चाहिए।" जेनिफर की आवाज में दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा था।

इंदौर के राजेंद्र नगर में सुशील के परिवार ने सेना की कार्रवाई की तारीफ की, लेकिन साथ ही मांग की कि आतंकियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएं। सुशील के भाई रमेश नथानियल ने कहा, "मेरा भाई निर्दोष था। वह परिवार के साथ खुशी मनाने गया था, लेकिन आतंकियों ने उसकी जिंदगी छीन ली। ऑपरेशन सिंदूर पहला कदम है, लेकिन पाकिस्तान को आतंक का समर्थन बंद करना होगा।"

ऑपरेशन सिंदूर का वैश्विक असर, दुनिया की नजर

ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों को तनावपूर्ण किया, बल्कि वैश्विक मंच पर भी हलचल मचा दी। भारत ने हमले से पहले अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, और सऊदी अरब जैसे देशों को अपनी कार्रवाई की जानकारी दी थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात कर पहलगाम हमले की निंदा की और भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन किया।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने NDTV से कहा, "भारत को अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई का पूरा हक है। लेकिन यह कार्रवाई सटीक और सीमित होनी चाहिए।" उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को चीन से कहना चाहिए कि वह पाकिस्तान पर आतंकी समूहों को नियंत्रित करने का दबाव बनाए।

पाकिस्तान ने हमले की निंदा की और दावा किया कि आठ नागरिक मारे गए, साथ ही पांच भारतीय जेट और एक ड्रोन मार गिराए। हालांकि, भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि केवल आतंकी ठिकाने निशाने पर थे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे "युद्ध की कार्रवाई" करार दिया और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी।

मध्य प्रदेश में सियासी हलचल: विपक्ष का तंज

मध्य प्रदेश में ऑपरेशन सिंदूर ने सियासी माहौल को भी गर्म कर दिया। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने X पर लिखा, "सेना की कार्रवाई काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन सरकार को यह भी बताना चाहिए कि पहलगाम जैसे हमले बार-बार क्यों हो रहे हैं? कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।" वहीं, बीजेपी ने इसे "कांग्रेस की देशविरोधी मानसिकता" करार दिया। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "जब सेना आतंकियों को सबक सिखा रही है, तब कांग्रेस सवाल उठाकर जवानों का मनोबल तोड़ना चाहती है।"

भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर रैलियां निकालीं और केंद्र सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति की तारीफ की। इंदौर में युवा मोर्चा ने तिरंगा मार्च निकाला, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने "पाकिस्तान मुर्दाबाद" और "भारतीय सेना जिंदाबाद" के नारे लगाए।

पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि, आतंक का खूनी खेल

22 अप्रैल का पहलगाम हमला पिछले 25 सालों में कश्मीर का सबसे खतरनाक हमला था। बैसरण वैली, जिसे "मिनी स्विट्जरलैंड" कहा जाता है, में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। हमले में ज्यादातर हिंदू पर्यटक मारे गए, और बचे लोगों ने बताया कि आतंकियों ने उनकी धार्मिक पहचान पूछकर गोली मारी। इस हमले ने 2019 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सरकार के "शांत कश्मीर" के दावे पर सवाल खड़े किए।

हमले के बाद भारत ने कठोर कदम उठाए। अटारी बॉर्डर बंद कर दिया गया, सिंधु जल समझौता रद्द किया गया, और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया। कश्मीर में 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, और संदिग्ध आतंकियों के घर ढहाए गए।

मध्य प्रदेश का कश्मीर कनेक्शन, शहीदों का सम्मान

मध्य प्रदेश का कश्मीर से गहरा नाता रहा है। राज्य के कई जवान कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए हैं। पहलगाम हमले में सुशील नथानियल की शहादत ने इस नाते को और गहरा कर दिया। भोपाल के एक रिटायर्ड कर्नल रमेश ठाकुर ने कहा, "मध्य प्रदेश के लोग सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत अब आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा।"

जबलपुर, जो सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों के लिए जाना जाता है, में स्थानीय लोगों ने ऑपरेशन सिंदूर को "सर्जिकल स्ट्राइक 2.0" करार दिया। ग्वालियर में सैन्य परिवारों ने कहा कि यह कार्रवाई कश्मीर में शांति की दिशा में बड़ा कदम है।

भविष्य की चुनौतियां, तनाव और शांति का रास्ता

ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को तो दिखाया, लेकिन इसने भारत-पाकिस्तान संबंधों को और तनावपूर्ण कर दिया। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, और राजौरी और पुंछ में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी बढ़ गई है।

मध्य प्रदेश में लोग सेना के साथ एकजुट हैं, लेकिन साथ ही शांति की उम्मीद भी कर रहे हैं। भोपाल के शिक्षक अजय वर्मा ने कहा, "हमारी सेना ने सही किया, लेकिन अब जरूरत है कि कश्मीर में स्थायी शांति आए। इसके लिए भारत-पाकिस्तान को बातचीत करनी होगी।" इंदौर की छात्रा प्रिया मालवीय ने कहा, "मैं सुशील अंकल जैसे लोगों के लिए दुखी हूं। लेकिन मुझे गर्व है कि हमारी सेना ने आतंकियों को जवाब दिया।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+