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MP News: शिक्षा विभाग में ट्रांसफर घोटाला? जयवर्धन सिंह ने उठाया सवाल, 4503 आवेदन पर 11,584 तबादले

Transfer scam MP News: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में ट्रांसफर नीति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न क्रमांक 1300 के जरिए सनसनीखेज खुलासा किया कि 2025 में केवल 4,503 शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन विभाग ने 3,608 प्रशासकीय और 7,976 स्वैच्छिक, कुल 11,584 तबादले कर दिए।

यह आंकड़ा न केवल नीति के उल्लंघन को दर्शाता है, बल्कि 5.7 करोड़ रुपये की लागत से बने Education Portal 3.0 की विफलता और पारदर्शिता की कमी को भी उजागर करता है। जयवर्धन सिंह ने इसे "पर्दादारी" करार देते हुए निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, और पोर्टल की कमियों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की है।

MP Education Department Transfer scam Jaivardhan Singh question transfers on applications

जयवर्धन सिंह का विधानसभा में सवाल: "पारदर्शिता कहाँ?"

30 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग में ट्रांसफर नीति की अनियमितताओं पर सवाल उठाया। MP में शिक्षा विभाग का कारनामा, 4503 आवेदन..11584 तबादले: कांग्रेस के सवाल पर मंत्री ने दिया जवाब; पौने 6 करोड़ रुपए खर्च कर बनवाया पोर्टल।" जयवर्धन सिंह ने अपने तारांकित प्रश्न क्रमांक 1300 में पूछा:

  • 2025 में केवल 4,503 शिक्षकों ने Education Portal 3.0 पर ट्रांसफर के लिए आवेदन किया, फिर 11,584 तबादले कैसे हो गए?
  • क्या बिना आवेदन के 7,081 अतिरिक्त तबादले नीति का उल्लंघन नहीं हैं?
  • 5.7 करोड़ रुपये की लागत से बना पोर्टल 3.0 तकनीकी रूप से अधूरा क्यों है?

जयवर्धन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह ट्रांसफर नीति का पालन नहीं, बल्कि उसका मजाक है। 4,503 आवेदनों के बदले 11,584 तबादले हुए, जिसमें 3,608 प्रशासकीय और 7,976 स्वैच्छिक हैं। बिना आवेदन के तबादले कैसे हुए? यह पारदर्शिता नहीं, पर्दादारी है।"

Education Portal 3.0: 5.7 करोड़ की लागत, फिर भी अधूरा

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से Education Portal 3.0 शुरू किया था, जिसे ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता, और स्थायित्व लाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह अगली पीढ़ी का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों को पूरी तरह ऑनलाइन करता है। लेकिन जयवर्धन सिंह ने इसकी कमियों को उजागर करते हुए कहा कि 5.7 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पोर्टल तकनीकी रूप से नाकाम है। उनकी मुख्य शिकायतें हैं:

  • जिलेवार डेटा की कमी: पोर्टल जिलेवार स्कूलों और शिक्षकों की जानकारी नहीं देता।
  • सीमित जानकारी: यह केवल वर्ग 1, 2, 3 की सामान्य जानकारी देता है, न कि विस्तृत डेटा।
  • स्वैच्छिक ट्रांसफर की जानकारी नहीं: पोर्टल स्वैच्छिक तबादलों का विवरण उपलब्ध नहीं कराता।

तकनीकी खामियां: पोर्टल में डेटा अपडेट और पारदर्शिता की कमी है।

आवेदन आए 4503, ट्रांसफर हुए 11,584, पौने 6 करोड़ का बना था पोर्टल, सदन में कांग्रेस ने उठाए सवाल!" जयवर्धन ने पूछा, "जब पोर्टल ही अधूरा है, तो सरकार इसे पारदर्शी कैसे बता सकती है?"

ट्रांसफर नीति: नियमों का उल्लंघन?

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की ट्रांसफर नीति के तहत तबादले स्वैच्छिक, पारस्परिक, प्रशासकीय, और अनिवार्य श्रेणियों में किए जाते हैं। ट्रांसफर प्रक्रिया को Education Portal 3.0 के जरिए पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। नीति के अनुसार, स्वैच्छिक तबादलों के लिए शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। लेकिन 2025 में केवल 4,503 आवेदनों के बावजूद 7,976 स्वैच्छिक और 3,608 प्रशासकीय तबादले किए गए, जो नीति के उल्लंघन का संकेत देते हैं।

जयवर्धन सिंह ने पूछा, "जब 4,503 शिक्षकों ने ही आवेदन किया, तो 7,081 अतिरिक्त तबादले कैसे हुए? क्या यह नीति का उल्लंघन नहीं है? "MP के शिक्षा विभाग में गजब ट्रांसफर, आवेदन आए 4503 तबादले हुए 11584।" यह आंकड़ा दर्शाता है कि बिना आवेदन के तबादले किए गए, जो शिक्षकों के बीच असंतोष और संदेह पैदा कर रहा है।

सरकार का जवाब: "कोई सवाल ही नहीं उठता!"

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में जयवर्धन के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "सभी तबादले नीति के अनुसार और पारदर्शी तरीके से किए गए हैं। पोर्टल 3.0 पूरी तरह कार्यात्मक है, और कोई सवाल ही नहीं उठता।" मंत्री ने दावा किया कि तबादले शिक्षकों की जरूरतों और स्कूलों की आवश्यकताओं के आधार पर किए गए।

हालांकि, जयवर्धन सिंह ने इस जवाब को "गैर-जिम्मेदाराना" करार दिया। उन्होंने कहा, "जब पोर्टल में जिलेवार डेटा नहीं है, स्वैच्छिक तबादलों की जानकारी नहीं है, और बिना आवेदन के तबादले हो रहे हैं, तो यह पारदर्शिता कैसे है? यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। MP में शिक्षा विभाग का कारनामा, 4503 आवेदन..11584 तबादले: कांग्रेस के सवाल पर मंत्री ने दिया जवाब।

जयवर्धन की मांग: जांच और जवाबदेही

निष्पक्ष जांच: ट्रांसफर प्रक्रिया में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच हो।

दोषियों पर कार्रवाई: जिन अधिकारियों ने बिना आवेदन के तबादले किए, उनकी जवाबदेही तय हो।

पोर्टल का लेखा-जोखा: 5.7 करोड़ रुपये की लागत से बने पोर्टल 3.0 की कमियों और तबादलों का पूरा विवरण जनता के सामने रखा जाए।

शिक्षकों में असंतोष

इस विवाद ने शिक्षकों के बीच भारी असंतोष पैदा किया है। कई शिक्षकों ने X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। बिना आवेदन के तबादले शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। हम जयवर्धन सिंह जी के साथ हैं और जांच की मांग करते हैं। शिक्षक रमेश सक्सेना ने कहा, हमें बिना सहमति के दूरदराज के स्कूलों में भेज दिया गया। यह नीति का दुरुपयोग है।

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