MSP वृद्धि से अन्नदाताओं को दी गई PM मोदी की पहली गारंटी होगी पूर्ण: CM मोहन यादव
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और किसानों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024-25 विपणन सत्र के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
इस निर्णय से किसानों को महत्वपूर्ण वित्तीय राहत मिलने तथा उनके जीवन में नई शुरुआत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री की जन कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा इसका देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

एमएसपी वृद्धि का विवरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 तरह की फसलों के दाम बढ़ाए गए हैं। उदाहरण के लिए, धान का समर्थन मूल्य 117 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य अब 7,521 रुपये प्रति क्विंटल है, जो पिछली दर से 501 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल और रामतिल जैसी अन्य फसलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।
किसानों की आय पर प्रभाव
सीएम यादव ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है। हाल ही में किसान सम्मान निधि की घोषणा इसी दिशा में उठाया गया एक और कदम है। बढ़े हुए समर्थन मूल्य के साथ अब हाइब्रिड ज्वार 3,371 रुपये प्रति क्विंटल और मालदंडी ज्वार 3,421 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
बाजरा 2,625 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। रागी का भाव 444 रुपये बढ़ाकर 4,290 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। मक्का अब 2,225 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। सोयाबीन का भाव 292 रुपये बढ़कर 4,892 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
विशिष्ट फसल मूल्य समायोजन
तिल के भाव में 632 रुपये प्रति क्विंटल की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे यह 9,267 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इन समायोजनों का उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि एमएसपी में यह वृद्धि प्रधानमंत्री द्वारा अन्नदाताओं से किए गए प्रमुख वादों में से एक को पूरा करती है। यह किसानों को समर्थन देने और उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नीतिगत परिवर्तन से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आने तथा समग्र आर्थिक विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।












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