राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने की थी राम राज्य की परिकल्पना, सीएम मोहन यादव ने कहा
Madhya Pradesh News: राम राज्य की परिकल्पना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने की थी और यह परिकल्पना आज सुशासन का प्रतीक है। यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने "पीर पराई जाणें रे" भक्ति संध्या को संबोधित करते हुए कही। दरअसल, सीएम मोहन यादव मंगलवार को रविन्द्र भवन परिसर और यहां लोकरंग कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल हुए।
सीएम यादव ने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलकर जीवन में सफलता हासिल की। उन्होंने अंग्रेजों से देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी। महात्मा गांधी जी की कार्यशैली और उनके प्रयोग अद्भुत थे। ऐसे महापुरूष को उनकी पुण्यतिथि पर हृदय से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

इस दौरान सीएम मोहन यादव ने महात्मा गांधी जी के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपनी आत्मकथा में स्वयं से संबंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से भगवान श्रीकृष्ण का पांच हजार साल पुराना काल याद आ जाता है।
कहा कि आज लोकरंग के समापन अवसर पर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि भक्ति संध्या के रूप में मनाई जा रही है। लोकरंग का पांच दिवस तक बहुत अच्छा आयोजन हुआ। इसके लिए मैं आयोजकों को हृदय से बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की नितांत आवश्यकता है, जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें।
सीएम ने मध्यप्रदेश में स्वाधीनता संग्राम के इतिहास पर केन्द्रित छह पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें उज्जैन, खण्डवा- बुरहानपुर, खरगोन, भोपाल, छिंदवाड़ा एवं शहडोल-उमारिया- अनूपपुर के स्वाधीनता संग्राम पर केन्द्रित पुस्तकें शामिल हैं। सीएम डॉ. यादव को मध्यप्रदेश में स्वाधीनता संग्राम का इतिहास की पुस्तक भेंट की गई।
संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि गांधी जी का विचार था कि दूसरे की पीर या दु:ख को समझने वाला ही इंसान कहलाने के योग्य है। उन्होंने राम राज्य की परिकल्पना कर सबके सुखी, निरोगी, मंगल और कल्याण की कामना की थी।












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