गुरु हरकिशन सिंह साहिब के ज्योति ज्योत दिवस पर CM मोहन यादव किया नमन
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिख धर्म के आठवें गुरु हरकिशन सिंह साहिब जी के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपकी अमूल्य शिक्षाएं मानव कल्याण के दीप को युगों-युगों तक प्रदीप्त रखेंगी।
सीएम मोहन यादव ने अपने ऑफिशियल 'X' हैंडल पर लिखा, 'सिख धर्म के आठवें गुरु "बाला पीर" गुरु हरकिशन सिंह साहिब जी के ज्योति ज्योत दिवस पर कोटि-कोटि नमन करता हूं।'

इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा एवं आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित आपका जीवन प्रेरणा का प्रकाश पुंज है। आपकी अमूल्य शिक्षाएं मानव कल्याण के दीप को युगों-युगों तक प्रदीप्त रखेंगी।
आपको बता दें कि गुरु हरकिशन साहिब सिखों के 8वें गुरु थे, उनका जन्म बिक्रम सम्वत 1713 (7 जुलाई 1656) को कीरतपुर साहिब में हुआ। वे गुरु हर राय साहिब जी और माता किशन कौर के दूसरे पुत्र थे। राम राय जी गुरु हरकिशन के बड़े भाई थे।
8 साल की छोटी सी आयु में गुरु हरकिशन साहिब को गुरुपद प्रदान किया गया था, इस बात से ही नाराज होकर राम राय ने औरंगजेब से इस बात की शिकायत की थी। राम राय का व्यवहार अच्छा नहीं था, जिसके कारण उन्हें घर से बाहर कर दिया गया था।
इसी बात से वो अपने छोटे भाई हरकिशन से नाराज रहते थे। ऐसा बताया जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब उन्हें किसी भी सूरत में पसंद नहीं करता था। जब उन्होंने उसके भाई दारा शिकोह के प्राण की रक्षा की तो वह और चिढ़ गया।
औरंगजेब ने गुरु हर राय को दिल्ली तलब कर लिया। उनके बदले पुत्र रामराय दिल्ली गए और वहां उन्होंने मुगल दरबार में गुरुवाणी की गलत व्याख्या प्रस्तुत की। जब गुरु हर राय को इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने अपने पुत्र को ही सिख पंथ से बाहर कर दिया।












Click it and Unblock the Notifications