MP: छतरपुर में डिप्थीरिया से 2 बच्चों की मौत, डेंगू संक्रमण से महिला ने दम तोड़ा

सागर, 30 सितंबर। मप्र के छतरपुर में बच्चों में जानलेवा गलघोंटू बीमारी (डिप्थीरिया) और डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप फैल गया है। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में लोग इनकी चपेट में आ रहे हैं। डिप्थीरिया की चपेट में आने से दो बच्चों की मृत्यु हो गई है, तो दो बच्चों को यूपी के बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इधर गांव में और भी बच्चे बीमार बताए जा रहे हैं। हरकत में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध बच्चों के सैंपल लेकर सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजे हैं।

diphtheria

छतरपुर स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार गौरीहार ब्लॉक से छह साल के बच्चे को बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इसी प्रकार बिजावर के किशुनगढ़ से 6 साल की बच्ची जिला अस्पतला में भर्ती कराया गया था। गंभीर हालत के चलते उसे भी रेफर किया गया था। डिप्थीरिया संक्रमण के चलते दोनों बच्चों की मौत हो गई। इसी प्रकार सरवई के पास स्थित बसराही गांव में छह साल की बच्ची व उसके 4 साल के भाई को डिप्थीरिया के लक्षणों के चलते बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बच्चों की मौत के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बनी हैं। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा तो स्वास्थ्य अमला और टीकाकरण अधिकारी दलबल के साथ गांव पहुंच गए। यहां करीब 10 बीमार बच्चों को भी डिप्थीरिया का संदिग्ध केस बताया गया है। इनके सैंपल लेकर सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस गांव में ज्यादातर बच्चों को सर्दी व गले में खराश पाई गई है। उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान पूर्व में भी डिप्थीरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियां फैलती रही हैं।

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क्या है डिप्थीरिया, कैसे होता है संक्रमण
बीएमसी में वायरोलॉजी लैब के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित रावत के अनुसार डिप्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है। इसके सामान्य भाषा में गलघोंटू भी कहा जाता है। अधिकांशतः इसका संक्रमण बच्चों में होता है, लेकिन कई बार इसका संक्रमण वयस्कों में भी देखने में आता है। डिप्थीरिया कॉरीबैक्टेरियम बैक्टीरिया के इंफेक्शन से होता है। यह बैक्टीरिया सबसे पहले गले पर अटैक करता है। इससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है। स्वांस नली में संक्रमण फैलने लगता है। इसकी वजह से एक झिल्ली बन जाती है, इसके कारण मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती हैं। समय पर इलाज न मिलने से संक्रमण की वजह से झिल्ली में पाइजन रिलीज होने लगता है और यह ब्लड के जरिए ब्रेन और हार्ट तक पहुंचकर डैमेज करने लगता है। डिप्थीरिया कम्युनिकेबल डिसीज अर्थात एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलने वाली बीमारी है। इससे बचाव के लिए डीपीटी टीकाकरण किया जाता है। इसके लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई, गर्दन में सूजन, ठंड लगना, बुखार, गले में खरास, खांसी, संक्रमित मरीज के मुंह, नाक और गले में इसका बैक्टीरिया और संक्रमण रहता है।

डेंगू से 35 साल की महिला की मौत
छतरपुर शहर के बकायन खिड़की मोहल्ले में लोगो में मच्छरजनित बीमारी का प्रकोप है। यहां बीते कई दिनों से बीमार चल रही 35 वर्षीय महिला की डेंगू संक्रमण के चलते मौत हो गई। उसे निजी अस्पताल में भर्ती रखकर इलाज कराया जा रहा था। गंभीर हालत के चलते उसे झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। दो दिन पहले महिला ने दम तोड़ दिया। इसी मोहल्ले में एक 8 साल का बच्चा, 11 साल की बच्ची भी डेंगू की चपेट में है। उसका भी इलाज चल रहा है। एक युवक का भोपाल में डेंगू का ही इलाज चल रहा है। महिला की मौत की जानकारी स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कलेक्टर को दी तब यहां स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। यहां अब लार्वा सर्वे और कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।

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